‘हनुमान अंश’ की 450 करोड़ की बंपर कमाई के बाद मेकर्स में छिड़ा विवाद, राइट्स पर दी सख्त चेतावनी- कोई अकेला नहीं कर सकता डील

नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित भक्ति ड्रामा फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचते हुए दुनिया भर में लगभग 450 करोड़ रुपये से अधिक की धमाकेदार कमाई की है। महज दो करोड़ रुपये के बेहद मामूली बजट में तैयार हुई इस फिल्म की अप्रत्याशित सफलता ने पूरे भारतीय सिनेमा जगत को हैरान कर दिया। लेकिन इस ऐतिहासिक मुनाफे और बॉक्स ऑफिस पर 85 से अधिक दिनों के सफल प्रदर्शन के बाद अब फिल्म के निर्माताओं के बीच अधिकारों, पब्लिसिटी और बिजनेस डीलिंग्स को लेकर गंभीर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। फिल्म की जबरदस्त कमाई के बीच अब टीम के सदस्यों के बीच ऑफिशियल पब्लिक नोटिस और लीगल चेतावनियों का दौर शुरू हो गया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में नई चर्चा छेड़ दी है।

अकेले किसी को अधिकार नहीं, मेकर्स ने जारी किया सख्त लीगल नोटिस

फिल्म के डायरेक्टर डॉ. विशाल चतुर्वेदी और को-प्रोड्यूसर नम्रता जी सिंह ने स्वंभू मीडिया नेटवर्क के जरिए एक संयुक्त आधिकारिक बयान जारी करते हुए सख्त चेतावनी दी है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कंपनी को यह जानकारी मिली है कि कोई एक व्यक्ति खुद को फिल्म के राइट्स बेचने और व्यावसायिक डील करने के लिए अकेले अधिकृत बता रहा है। मेकर्स ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी एक व्यक्ति के पास स्वतंत्र रूप से फिल्म के राइट्स पर डील करने या इसे कहीं भी रिप्रेजेंट करने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसी कोई भी अनधिकृत डीलिंग, अवार्ड क्लेम या व्यावसायिक समझौता कानूनी रूप से पूरी तरह अमान्य होगा और कंपनी या अन्य निर्माताओं पर बाध्यकारी नहीं होगा।

चार प्रोड्यूसर्स की संयुक्त सहमति अनिवार्य, अनधिकृत दावों पर होगी कानूनी कार्रवाई

जारी किए गए बयान में साफ किया गया है कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ के पास चार संयुक्त प्रोड्यूसर्स हैं—डॉ. विशाल चतुर्वेदी, नम्रता जी सिंह, रागिनी सोना और अनुप्रिया नागर। फिल्म के थिएट्रिकल, स्ट्रीमिंग (ओटीटी), सैटेलाइट ब्रॉडकास्ट, म्यूजिक, गेमिंग और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपी) चारों निर्माताओं के बीच हुए आपसी समझौते के तहत ही संचालित होंगे। यदि कोई भी पक्ष अन्य निर्माताओं की सहमति के बिना स्वतंत्र रूप से कोई समझौता करता है, तो उसके खिलाफ बौद्धिक संपदा के उल्लंघन के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही केवल डॉ. विशाल चतुर्वेदी और नम्रता जी सिंह को ही कंपनी की तरफ से आधिकारिक पीआर, मार्केटिंग और रणनीतिक साझेदारियों के लिए अधिकृत प्रतिनिधि घोषित किया गया है।

पब्लिसिटी और क्रेडिट्स को लेकर बढ़ा विवाद, फ्रेंचाइजी के भविष्य पर संकट

इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, फिल्म की रिलीज और प्रमोशन के दौरान 21 वर्षीय को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर मीडिया इंटरव्यूज, पॉडकास्ट और इवेंट्स में प्रमुख चेहरा बनकर उभरी थीं। इससे बाकी टीम के भीतर यह असंतोष पैदा हुआ कि एक ही सदस्य को पूरी सफलता का श्रेय और पब्लिसिटी मिल रही है, जबकि बाकी निर्माताओं और निर्देशक की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस आंतरिक खींचतान का सबसे बड़ा नुकसान फिल्म की प्रस्तावित ट्रिलॉजी (तीन फिल्मों की सीरीज) पर पड़ता दिख रहा है। मेकर्स पहले इसे तीन भागों में आगे बढ़ाने की योजना बना रहे थे, लेकिन अब अधिकार और मुनाफे को लेकर जारी इस कानूनी विवाद के चलते सीक्वल अधर में लटकता नजर आ रहा है।

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