
हेल्थ अपडेट गर्मियों का मौसम दस्तक दे चुका है और भारतीय थाली में दही का होना एक अनिवार्य परंपरा है। अधिकांश लोग घरों में स्टील या प्लास्टिक के बर्तनों में दही जमाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दादी-नानी के जमाने का वो मिट्टी का बर्तन (हांडी) आपकी सेहत के लिए कितना लाभकारी हो सकता है? मशहूर डायटिशियन चरणप्रीत ने हाल ही में मिट्टी के बर्तन में दही जमाने के ऐसे चौंकाने वाले फायदे बताए हैं, जिन्हें जानने के बाद आप आज ही अपनी रसोई में बदलाव करने पर मजबूर हो जाएंगे। मिट्टी की सोंधी खुशबू न केवल दही का जायका बढ़ाती है, बल्कि उसे सुपरफूड में बदल देती है।
गाढ़े और मलाईदार दही का रहस्य
अक्सर शिकायत रहती है कि घर का दही बाजार जैसा गाढ़ा नहीं जमता और पानी छोड़ देता है। डायटिशियन चरणप्रीत के अनुसार, मिट्टी के बर्तन में छिद्र (Pores) होते हैं, जो दही जमने की प्रक्रिया के दौरान दूध के अतिरिक्त पानी को सोख लेते हैं। परिणाम स्वरूप, आपको प्राकृतिक रूप से गाढ़ा, मलाईदार और मख्खन जैसा दही मिलता है। इसके लिए आपको किसी भी आर्टिफिशियल थिकनर या मिलावट की जरूरत नहीं पड़ती। मिट्टी का बर्तन तापमान को भी नियंत्रित रखता है, जिससे दही लंबे समय तक ताजा बना रहता है।
पीएच लेवल को संतुलित रखता है मिट्टी का बर्तन
मिट्टी की प्रकृति क्षारीय (Alkaline) होती है, जबकि दही अपनी प्रकृति में अम्लीय (Acidic) होता है। जब दही को मिट्टी के बर्तन में जमाया जाता है, तो मिट्टी की क्षारीयता दही के एसिड के साथ मिलकर उसके पीएच (PH) लेवल को संतुलित कर देती है। यही कारण है कि मिट्टी के बर्तन में जमा दही ज्यादा खट्टा नहीं होता और इसका सेवन करने से पेट में एसिडिटी या जलन की समस्या नहीं होती। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी बेहद मददगार साबित होता है।
पोषक तत्वों का खजाना है ‘मिट्टी वाली दही’
मिट्टी के बर्तनों में प्राकृतिक रूप से कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। जब इसमें दही जमाया जाता है, तो ये सूक्ष्म पोषक तत्व दही में शामिल हो जाते हैं, जिससे इसकी पौष्टिकता कई गुना बढ़ जाती है। डायटिशियन चरणप्रीत का कहना है कि अगर आप नियमित रूप से इस विधि से दही का सेवन करते हैं, तो यह आपकी हड्डियों की मजबूती और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
सोंधी खुशबू और लाजवाब स्वाद
स्वाद के शौकीनों के लिए मिट्टी के बर्तन का दही किसी सौगात से कम नहीं है। मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू दही के स्वाद में एक अलग ही स्तर का सोंधापन भर देती है। प्लास्टिक के बर्तनों में जमा दही जहां सेहत के लिए हानिकारक रसायनों का खतरा पैदा करता है, वहीं मिट्टी का बर्तन पूरी तरह से इको-फ्रेंडली और सुरक्षित विकल्प है। यदि आप भी अपने परिवार को मिलावट मुक्त और शुद्ध आहार देना चाहते हैं, तो पारंपरिक तरीके की ओर लौटना एक बेहतरीन कदम होगा।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया