
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ज्ञान, संतान, विवाह, धन, भाग्य और उच्च शिक्षा के कारक माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति 1 नवंबर 2026 से अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। कार्तिक मास के इस पावन समय में गुरु चंद्रमा और केतु का संग छोड़कर कर्क राशि से निकलेंगे और अपने परम मित्र सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश करेंगे। बृहस्पति का यह अहम गोचर 24 जनवरी 2027 तक सिंह राशि में ही प्रभावी रहेगा। ग्रहों का यह परिवर्तन विद्यार्थियों और उच्च शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए विशेष रूप से सकारात्मक माना जा रहा है, लेकिन जिन जातकों की जन्मकुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर या नकारात्मक है, उन्हें कुछ विशेष सावधानियां बरतने की आवश्यकता होगी।
कुंडली में अगर गुरु नेगेटिव हैं तो जीवन पर क्या पड़ता है असर?
ज्योतिषीय दृष्टिकोण के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में देवगुरु बृहस्पति पापी या क्रूर ग्रहों जैसे मंगल, राहु, केतु या शनि के प्रभाव में हों, या फिर 6वें, 8वें और 12वें भाव में कमजोर स्थिति में विराजमान हों, तो व्यक्ति को गुरु के नकारात्मक परिणामों का सामना करना पड़ता है। ऐसा होने पर जातक के व्यवहार में कृतज्ञता की कमी आ जाती है और वह उपकारों को भूलने लगता है।
नेगेटिव गुरु के प्रभाव से व्यक्ति की सही और गलत को पहचानने की निर्णय क्षमता कमजोर हो जाती है और वह केवल अपने संकीर्ण स्वार्थ के बारे में सोचने लगता है। इसके अलावा, गुरु अगर प्रतिकूल स्थिति में हों तो व्यक्ति का अपने गुरुजनों, पितातुल्य मार्गदर्शकों या वरिष्ठों के साथ मतभेद, विवाद अथवा अपमान जैसी स्थितियां बन सकती हैं। गुरु के अशुभ प्रभाव से बचने और उन्हें बलवान बनाने का सबसे सरल उपाय यह है कि व्यक्ति सदैव अपने शिक्षकों, बड़ों और गुरुतुल्य लोगों का आदर-सम्मान करे तथा उनके प्रति कृतज्ञ भाव बनाए रखे।
मेष से लेकर कन्या राशि तक कैसा रहेगा गुरु गोचर का प्रभाव?
देवगुरु बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश से पहली छह राशियों के जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे:
-
मेष राशि: मेष राशि के जातकों को वैवाहिक जीवन में तालमेल बिठाकर चलने की जरूरत होगी। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सतर्कता बरतनी होगी।
-
वृषभ राशि: वृषभ राशि वालों के लिए गुरु का यह गोचर संतान से जुड़े मामलों में शुभ योग और अनुकूल परिणाम लेकर आएगा।
-
मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों को धन लाभ के अवसर मिलेंगे और विद्या व बौद्धिक कार्यों में बड़ी सफलता हाथ लगेगी।
-
कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों के पारिवारिक जीवन में लंबे समय से चली आ रही समस्याएं समाप्त होंगी और घर में शांति का वातावरण बनेगा।
-
सिंह राशि: स्वयं सिंह राशि में गुरु का आगमन विज्ञान, शोध और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर देगा। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और सामान्य शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों को भी अच्छे परिणाम मिलेंगे।
-
कन्या राशि: कन्या राशि वालों के लिए विदेश यात्रा या लंबी दूरी की यात्रा के योग बन सकते हैं। स्वास्थ्य के मोर्चे पर राहत बनी रहेगी और कोई बड़ी परेशानी नहीं दिखेगी।
तुला से मीन राशि के जातकों के लिए क्या हैं संकेत?
अंतिम छह राशियों के लिए भी गुरु का यह राशि परिवर्तन विभिन्न क्षेत्रों में असर डालेगा:
-
तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए यात्राएं फलदायी साबित होंगी। परिवार में स्थितियां पहले से बेहतर होंगी। विशेषकर लेखन, मीडिया और कला से जुड़े जातकों को बड़ा लाभ मिलेगा और विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा।
-
वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वालों को गुरु गोचर से मानसिक चिंताओं से राहत मिलेगी। संतान पक्ष की ओर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है और स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा।
-
धनु राशि: धनु राशि के जातकों के प्रभाव में वृद्धि होगी और लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे। सामाजिक स्तर पर आपकी सलाह को महत्व मिलेगा।
-
मकर राशि: मकर राशि के जातकों के लिए पारिवारिक परिस्थितियां पहले से काफी सुधरेंगी। घर के बुजुर्गों को शुभ फल प्राप्त होंगे और परिजनों के बीच आपसी सामंजस्य बढ़ेगा।
-
कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों के लिए धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे और मित्रों से जरूरी सहयोग मिलेगा। हालांकि, व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए रिश्तों में संयम बनाए रखें।
-
मीन राशि: मीन राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में यह समय बेहद सकारात्मक रहेगा। दफ्तर में की गई कड़ी मेहनत का शानदार फल मिलेगा, लेकिन खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया