
नई दिल्ली। देश की शीर्ष अदालत से एक बेहद महत्वपूर्ण और संवैधानिक सुचिता से जुड़ी खबर सामने आई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने एक संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान एक ऐसी टिप्पणी की है, जिसकी कानूनी गलियारों में जमकर सराहना हो रही है। CJI ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस विशेष मामले की सुनवाई के लिए एक ऐसी पीठ (बेंच) का गठन करना अधिक उपयुक्त और न्यायसंगत होगा, जिसमें कोई भी ऐसा जज शामिल न हो जो भविष्य में मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में हो। मुख्य न्यायाधीश के इस कदम को न्यायपालिका की पारदर्शिता और निष्पक्षता की दिशा में एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
प्रशांत भूषण ने भी किया CJI के विचार का पुरजोर समर्थन
अदालत की कार्यवाही के दौरान याचिकाकर्ताओं में से एक की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी मुख्य न्यायाधीश के इस विचार पर अपनी सहमति जताई। भूषण ने कोर्ट में दलील दी कि निष्पक्ष न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए CJI का यह प्रस्ताव बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल मामले की सुनवाई पर किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह का संदेह खत्म होगा, बल्कि जनता का न्यायपालिका पर विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा। इस दौरान कोर्ट रूम में मौजूद अन्य कानूनी विशेषज्ञों ने भी इसे एक ऐतिहासिक सुझाव बताया।
क्यों अहम है CJI का यह फैसला?
अक्सर हाई-प्रोफाइल मामलों में बेंच के गठन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में मुख्य न्यायाधीश का स्वयं आगे आकर यह कहना कि भविष्य के उत्तराधिकारियों को भी इस बेंच से बाहर रखा जाए, न्यायपालिका की आंतरिक शुचिता को दर्शाता है। कानून के जानकारों का मानना है कि इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि मामले का फैसला पूरी तरह से तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर हो, और इसमें किसी भी प्रकार के प्रशासनिक या भविष्य के पद सोपान का प्रभाव न पड़े। फिलहाल, अब इस मामले की सुनवाई के लिए एक विशेष पीठ के गठन की तैयारी की जा रही है।
अगली सुनवाई के लिए नई बेंच पर टिकी निगाहें
CJI की इस टिप्पणी के बाद अब कानूनी हलकों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इस बेंच में कौन-कौन से जज शामिल होंगे। नियमानुसार, अब उन जजों की सूची देखी जाएगी जो वरिष्ठता क्रम में होने के बावजूद चीफ जस्टिस बनने की दौड़ में शामिल नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख ने यह साफ कर दिया है कि ‘न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए’। इस मामले की अगली तारीख जल्द ही तय की जाएगी, जिसमें नई गठित पीठ मामले की मेरिट पर सुनवाई शुरू करेगी।
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