कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा अपने चरम पर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अभेद्य दुर्ग में सेंध लगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना सबसे बड़ा चुनावी कार्ड खेल दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल के लिए पार्टी का ‘संकल्प पत्र’ जारी करते हुए राज्य की महिलाओं और युवाओं के लिए सीधे नकद सहायता (Cash Transfer) की झड़ी लगा दी है।
भाजपा का यह घोषणापत्र सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सबसे लोकप्रिय योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ को बेअसर करने की रणनीति पर आधारित है।
भाजपा के संकल्प पत्र की 3 सबसे बड़ी घोषणाएं
| लाभार्थी | भाजपा का वादा (संकल्प पत्र) | वर्तमान टीएमसी योजना (लक्ष्मी भंडार/युवा साथी) |
| महिलाएं (मध्यम व निम्न वर्ग) | ₹3,000 प्रति माह | ₹1,500 – ₹1,700 प्रति माह |
| बेरोजगार युवा | ₹3,000 प्रति माह | ₹1,500 प्रति माह |
| गर्भवती महिलाएं | ₹21,000 (एकमुश्त) | – |
‘लक्ष्मी भंडार’ बनाम भाजपा: 1500 के बदले 3000 का दांव
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सत्ता पर पकड़ की सबसे बड़ी वजह ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना मानी जाती है। फरवरी 2026 के बजट में ममता सरकार ने इसे बढ़ाकर सामान्य वर्ग के लिए ₹1500 और एससी/एसटी के लिए ₹1700 कर दिया था। भाजपा ने अब इसे दोगुना करते हुए ₹3000 प्रति माह देने का वादा किया है।
पार्टी का मानना है कि यदि ‘आधी आबादी’ (महिला मतदाता) का झुकाव भाजपा की ओर होता है, तो बंगाल में सत्ता परिवर्तन सुनिश्चित है। इसी कड़ी में गर्भवती महिलाओं के लिए ₹21,000 की सहायता राशि की घोषणा जच्चा-बच्चा के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर की गई है।
युवाओं को साधने के लिए ₹15,000 का परीक्षा भत्ता
बेरोजगारी को मुद्दा बनाते हुए भाजपा ने टीएमसी की ‘युवा साथी’ योजना (₹1500 मासिक) के मुकाबले ₹3000 प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया है। इसके साथ ही:
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युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ₹15,000 का एकमुश्त सहायता भत्ता दिया जाएगा।
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अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ नई नौकरियों और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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भाजपा ने वादा किया है कि सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
भाजपा शासित राज्यों के ‘सक्सेस मॉडल’ का हवाला
अमित शाह ने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाने के लिए मध्य प्रदेश की लाडली बहना, महाराष्ट्र की माझी लड़की बहिन, और ओडिशा की सुभद्रा योजना का उदाहरण दिया। भाजपा ने इन राज्यों में कैश ट्रांसफर योजनाओं के दम पर चुनाव जीते हैं, और अब वही ‘विजयी फॉर्मूला’ बंगाल में आजमाया जा रहा है।
सुवेंदु अधिकारी का कड़ा प्रहार
घोषणापत्र जारी होने के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि टीएमसी सरकार ने राज्य को कर्ज में डुबो दिया है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की सरकार भ्रष्टाचार मुक्त होगी और सरकारी खजाने का पैसा सीधे जनता की जेब में जाएगा, ‘सिंडिकेट राज’ के पास नहीं।
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