बीरभूम/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए प्रचार अभियान अब अपने चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीरभूम में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला। शाह ने दावा किया कि बंगाल की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है और 5 मई को राज्य में भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार सत्ता संभालेगी।
अमित शाह के संबोधन की 5 बड़ी बातें:
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5 मई को नई सरकार का दावा: अमित शाह ने कहा, “मैं पूरे बंगाल का दौरा कर बीरभूम आया हूँ। जनता ने दीदी को ‘टाटा-बाय-बाय’ कहने का मन बना लिया है। 4 मई को नतीजे आएंगे और 5 मई को भाजपा की सरकार बनेगी।”
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गुंडागर्दी और सिंडिकेट पर प्रहार: टीएमसी कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए शाह ने कहा कि जो लोग बम और बारूद की राजनीति कर रहे हैं, उन्हें 5 मई के बाद चुन-चुनकर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार ‘कटमनी’ और ‘सिंडिकेट’ राज को जड़ से खत्म कर देगी।
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घुसपैठ और सीमा सुरक्षा: गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि ममता सरकार घुसपैठियों को संरक्षण देती है और बीएसएफ को बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं देती। उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर पूरी सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू हो जाएगा और घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा।
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महिला सुरक्षा और आरजी कर कांड का जिक्र: शाह ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा के शासन में संदेशखाली और आरजी कर जैसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बंगाल में ऐसा माहौल बनाया जाएगा जहां बेटियां रात 1 बजे भी सुरक्षित घूम सकेंगी।
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UCC और 7वां वेतन आयोग: चुनावी वादों की झड़ी लगाते हुए शाह ने घोषणा की कि भाजपा बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेगी और राज्य के सरकारी कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग दिया जाएगा।
आज का चुनावी घमासान: शाह बनाम ममता
पश्चिम बंगाल में आज दिग्गजों का जमावड़ा है:
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अमित शाह: बीरभूम में दो सभाओं के बाद रानीगंज में रैली और दुर्गापुर में एक भव्य रोड शो करेंगे।
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ममता बनर्जी: बीरभूम के सूरी, पूर्व बर्धमान और दुर्गापुर में तीन रैलियों के जरिए पलटवार करेंगी।
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अभिषेक बनर्जी: नदिया और उत्तर 24 परगना में मोर्चा संभालेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई
राजनीतिक रैलियों के बीच आज दोपहर 2:30 बजे सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच यह तय करेगी कि क्या उन 27 लाख लोगों को वोट डालने का अधिकार मिलेगा, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। चूंकि चुनाव आयोग ने लिस्ट फ्रीज कर दी है, इसलिए अब सबकी नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं कि क्या ये लोग 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान में हिस्सा ले पाएंगे।
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