इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए स्वदेशी रूप से विकसित गाइडेड रॉकेट सिस्टम ‘फतेह-II’ (Fateh-II) का सफलतापूर्वक ट्रेनिंग लॉन्च किया है। पाकिस्तानी सेना की ‘आर्मी रॉकेट फोर्स’ द्वारा किए गए इस परीक्षण को भारत की सीमा के करीब रणनीतिक बढ़त हासिल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह नया हथियार भारत के अत्याधुनिक S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ एयर डिफेंस सिस्टम के सामने पूरी तरह बेअसर साबित होगा।
फतेह-II: रेंज और मारक क्षमता का दावा
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, फतेह-II की सबसे बड़ी खूबी इसकी 400 किलोमीटर की मारक क्षमता है। यह पिछले फतेह-I वर्जन (140 किमी) की तुलना में एक बड़ा जंप है।
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सटीक निशाना: इसका ‘सर्कुलर प्रोबेबल एरर’ (CEP) 10 मीटर से भी कम है, यानी यह अपने लक्ष्य पर पिन-पॉइंट सटीकता से हमला कर सकता है।
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नेविगेशन: यह अत्याधुनिक एवियोनिक्स और सैटेलाइट-गाइडेड नेविगेशन सिस्टम से लैस है।
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रडार से बचने की तकनीक: पाकिस्तान का दावा है कि यह मिसाइल ‘फ्लैट ट्रैजेक्टरी’ (सीधी उड़ान) पर चलती है, जिससे रडार के लिए इसे शुरुआती चरण में पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
स्वदेशी या चीनी तकनीक का ‘लेवल’?
पाकिस्तान भले ही इसे ‘पूरी तरह स्वदेशी’ बता रहा हो, लेकिन रक्षा जानकारों का कहना है कि फतेह-II का डिजाइन चीनी A-100 और WS सीरीज के रॉकेट सिस्टम से काफी प्रेरित है। इसमें चीनी इंजन और गाइडेंस तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने की संभावना जताई जाती रही है।
S-400 के आगे क्यों ‘फुस्स’ है फतेह-II?
पाकिस्तानी विश्लेषकों का मानना है कि वे ‘सैचुरेशन अटैक’ (एक साथ दर्जनों रॉकेट दागकर) के जरिए भारत के S-400 रडार को व्यस्त कर सकते हैं। लेकिन तकनीकी धरातल पर भारत का ‘सुदर्शन चक्र’ कहीं अधिक श्रेष्ठ है:
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मल्टी-टारगेट ट्रैकिंग: S-400 का रडार एक साथ 300 से अधिक लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और एक ही समय में 36 अलग-अलग मिसाइलों पर सटीक प्रहार कर सकता है। अगर पाकिस्तान कई रॉकेट एक साथ दागता भी है, तो S-400 का सुपरकंप्यूटर हर रॉकेट को अलग टारगेट मानकर उसे नष्ट कर देगा।
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फ्लैट ट्रैजेक्टरी का तोड़: S-400 के विशेष रडार (जैसे 91N6E) को जमीन के करीब और पेड़ों की ऊंचाई पर उड़ने वाले खतरों (Low-flying targets) को पकड़ने के लिए ही बनाया गया है। फतेह-II की सीधी उड़ान भारत के इस सुरक्षा कवच को चकमा नहीं दे पाएगी।
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चार स्तरीय सुरक्षा घेरा: S-400 में 40 किमी से लेकर 400 किमी तक मार करने वाली अलग-अलग इंटरसेप्टर मिसाइलें होती हैं। जैसे ही फतेह-II भारत की हवाई सीमा की ओर बढ़ेगी, यह ऑटोमैटिक सिस्टम उसे आकाश में ही राख कर देगा।
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