ट्रंप का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’: होर्मुज में फंसे जहाजों के लिए महा-अभियान शुरू, ईरान का शांति प्रस्ताव ठुकराया

Global Conflict Update: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दांव चला है। ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (Project Freedom) के लॉन्च की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) में फंसे दुनिया भर के कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है।

क्या है ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस मिशन की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे एक ‘मानवीय अभियान’ करार दिया है।

  • सोमवार से शुरुआत: यह रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार सुबह (मध्य पूर्व समय) से शुरू किया जा रहा है।

  • फंसे जहाजों की मदद: ट्रंप के अनुसार, दुनिया के कई देशों ने अमेरिका से अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने की गुहार लगाई थी। इन जहाजों पर भोजन और आवश्यक सामग्री की भारी कमी हो गई है, जिससे क्रू मेंबर्स की जान को खतरा पैदा हो गया है।

  • सख्त चेतावनी: ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर इस रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी ने भी अड़ंगा डालने की कोशिश की, तो अमेरिका उसे ‘ताकत’ के साथ जवाब देगा।

ट्रंप ने ठुकराया ईरान का 14-सूत्रीय प्रस्ताव

एक तरफ ट्रंप ईरान के साथ बातचीत को ‘सकारात्मक’ बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन्होंने ईरान के शांति प्रस्ताव को “अस्वीकार्य” कह दिया है। ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ के मुताबिक, ट्रंप ने एक फोन कॉल के दौरान कहा कि उन्होंने ईरानी प्रस्ताव का अध्ययन किया है, लेकिन वे इसकी शर्तों से संतुष्ट नहीं हैं।

ईरान के प्रस्ताव की मुख्य बातें:

  1. युद्ध की पूर्ण समाप्ति: ईरान चाहता है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत और पूरी तरह खत्म हो।

  2. 30 दिन की डेडलाइन: अमेरिका ने 2 महीने के युद्धविराम का प्रस्ताव दिया था, जबकि ईरान इसे 30 दिनों के भीतर सुलझाकर युद्ध को स्थायी रूप से बंद करना चाहता है।

  3. परमाणु मुद्दा अलग: ईरान ने स्पष्ट किया है कि इस प्रस्ताव में परमाणु कार्यक्रम का कोई जिक्र नहीं है, यह केवल क्षेत्रीय शांति के लिए है।

युद्धविराम पर क्यों अटका पेंच?

ट्रंप का कहना है कि उनका सैन्य अभियान ‘शानदार’ चल रहा है और वे किसी ऐसी डील पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे जो अमेरिका या उसके सहयोगियों के हितों में न हो। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की है कि उन्हें पाकिस्तान (मध्यस्थ) के जरिए अमेरिका का जवाब मिल गया है और वे उसकी समीक्षा कर रहे हैं।

एक्सपर्ट व्यू: होर्मुज पर बढ़ेगा दबाव

जानकारों का मानना है कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के जरिए अमेरिका होर्मुज के रणनीतिक मार्ग पर अपना नियंत्रण फिर से स्थापित करना चाहता है। यदि अमेरिकी नौसेना इन जहाजों को एस्कॉर्ट करती है, तो ईरान के साथ सीधी सैन्य झड़प का खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें सोमवार सुबह शुरू होने वाले इस ऑपरेशन पर टिकी हैं।

Check Also

‘भारतीयों से भरे जहाज पर रूसी ड्रोन हमला, कप्तान की मौत’: जेलेंस्की के सनसनीखेज दावे से दुनिया में मचा बवाल

रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध अब काला सागर (Black Sea) के अंतरराष्ट्रीय …