Pregnancy Itching Care : गर्भावस्था यानी प्रेग्नेंसी का समय हर महिला के जीवन का एक बेहद खूबसूरत लेकिन संवेनदशील पड़ाव होता है। इस दौरान महिला के शरीर में कई तरह के बड़े हार्मोनल, शारीरिक और मानसिक बदलाव आते हैं। इन्हीं बदलावों के बीच एक बहुत ही आम समस्या जो अक्सर गर्भवती महिलाओं को परेशान करती है, वह है- शरीर या पेट में तेज खुजली (Itching in Pregnancy) होना।
यूं तो प्रेग्नेंसी में हल्की-फुल्की खुजली होना एक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है, लेकिन हर बार खुजली को सामान्य मानकर छोड़ देना भारी भूल साबित हो सकता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में यह शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर अंदरूनी समस्या या लिवर विकार का संकेत भी हो सकती है, जो मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकती है। वरिष्ठ गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. वैदेही मराठे के अनुसार, प्रेग्नेंसी में खुजली होने के पीछे कई मुख्य वजहें हो सकती हैं, जिन्हें समझकर सही समय पर कदम उठाना बेहद जरूरी है।
जानिए प्रेग्नेंसी में क्यों होती है शरीर और पेट में तेज खुजली?
डॉक्टरों के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान खुजली होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
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त्वचा का खिंचाव और रूखापन (Skin Stretching & Dryness): जैसे-जैसे गर्भ में शिशु का विकास होता है, वैसे-वैसे गर्भाशय का आकार बढ़ता है और पेट व आसपास की त्वचा में तेजी से खिंचाव आता है। त्वचा खिंचने के कारण वह बेहद सूखी (Dry) और टाइट महसूस होने लगती है, जिससे पेट, जांघों, ब्रेस्ट और कमर के आसपास तेज खुजली होने लगती है। यह सबसे आम कारण है।
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स्किन का अत्यधिक संवेदनशील होना: प्रेग्नेंसी हार्मोन्स के कारण महिलाओं की त्वचा पहले की तुलना में बहुत ज्यादा सेंसिटिव (संवेदनशील) हो जाती है। इस वजह से मौसम में थोड़ा भी बदलाव होने पर त्वचा पर हल्की जलन, लालपन या खुजली महसूस हो सकती है।
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केमिकल्स और कपड़ों से एलर्जी: सेंसिटिव स्किन होने के कारण इस समय तेज खुशबू वाले साबुन, बॉडी लोशन, परफ्यूम, हार्ड डिटर्जेंट या फिर सिंथेटिक और टाइट कपड़ों की वजह से भी महिलाओं को स्किन एलर्जी और खुजली की समस्या घेर सकती है।
क्या होता है पीयूपीपीपी (PUPPP) रैश?
प्रेग्नेंसी के आखिरी हफ्तों या तीसरी तिमाही (Third Trimester) में कई महिलाओं के पेट पर पड़ने वाले स्ट्रेच मार्क्स के आसपास छोटे-छोटे लाल दाने या चकत्ते उभर आते हैं, जिनमें भयंकर खुजली होती है। मेडिकल भाषा में इसे PUPPP (Pruritic Urticarial Papules and Plaques of Pregnancy) कहा जाता है। यह एक प्रकार का प्रेग्नेंसी रैश है, जो डिलीवरी के बाद स्वतः ही ठीक हो जाता है, लेकिन इसके होने पर डॉक्टर की सलाह से सूथिंग लोशन लगाना जरूरी होता है।
आईसीपी (ICP) क्या है और यह क्यों बेहद खतरनाक है?
सबसे महत्वपूर्ण और ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि किसी गर्भवती महिला को बिना किसी रैश या दानों के पूरे शरीर में, खासकर हथेलियों (Palms) और पैरों के तलवों (Soles) में असहनीय खुजली हो रही हो, तो यह ICP (Intrahepatic Cholestasis of Pregnancy) नामक गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है।
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यह सीधे तौर पर लिवर (Liver) से जुड़ी एक गंभीर समस्या है, जिसमें शरीर में बाइल एसिड (Bile Acid) का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है।
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इसे बेहद खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए ऐसी खुजली होने पर बिना एक मिनट गंवाए गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
किन लक्षणों के दिखने पर तुरंत बिना देरी किए डॉक्टर से मिलें?
यदि आपको खुजली के साथ नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें:
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यदि खुजली बहुत ज्यादा तेज हो और रात के समय सोते समय इतनी बढ़ जाए कि आपकी नींद उचट जाए।
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खुजली की समस्या विशेष रूप से दोनों हथेलियों और पैरों के तलवों में सबसे ज्यादा हो।
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शरीर पर बिना किसी दाने या रैश के भी त्वचा के अंदरूनी हिस्से में तीव्र खुजली हो।
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सबसे महत्वपूर्ण संकेत: यदि खुजली के साथ-साथ आपको गर्भ में बच्चे की मूवमेंट (हलचल/किक) पहले से कम या बंद महसूस हो, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। तुरंत अस्पताल जाएं।
खुजली से सुरक्षित राहत पाने के लिए अपनाएं ये 4 आसान तरीके
अगर खुजली सामान्य खिंचाव या रूखेपन के कारण है, तो गायनेकोलॉजिस्ट के बताए इन सुरक्षित तरीकों से तुरंत राहत पाई जा सकती है:
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बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइजर लगाएं: नहाने के तुरंत बाद और रात को सोने से पहले पेट और पूरे शरीर पर कोई अच्छा, बिना केमिकल और बिना तेज खुशबू वाला (Fragrance-free) मॉइस्चराइजर, कोल्ड क्रीम या शुद्ध नारियल का तेल लगाएं। यह त्वचा की नमी को ब्लॉक कर सूखापन दूर करेगा।
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स्किन-फ्रेंडली और माइल्ड प्रोडक्ट्स: प्रेग्नेंसी के दौरान तेज खुशबू वाले ब्यूटी सोप या कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल बंद कर दें। इसकी जगह डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित माइल्ड सोप, जेंटल बॉडी वॉश या ओटमील बाथ का प्रयोग करें।
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ढीले और सूती (Cotton) कपड़े पहनें: सिंथेटिक, नायलॉन या बहुत ज्यादा टाइट कपड़े पहनने से त्वचा पर पसीना जमा होता है और रगड़ खाने से खुजली बढ़ती है। इसलिए हमेशा ढीले-ढाले, हवादार और शुद्ध सूती (कॉटन) के कपड़े ही पहनें।
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बहुत गर्म पानी से नहाने से बचें: सर्दियों या किसी भी मौसम में बहुत ज्यादा गर्म पानी (Hot Water) से न नहाएं। गर्म पानी त्वचा के प्राकृतिक तेल को छीन लेता है जिससे स्किन अत्यधिक रूखी हो जाती है और खुजली का प्रकोप बढ़ जाता है। नहाने के लिए हमेशा हल्के गुनगुने या सामान्य पानी का ही रुख करें।
विशेष वैधानिक और चिकित्सीय चेतावनी: प्रेग्नेंसी के दौरान खुद से डॉक्टर (Self-medication) बनने की गलती बिल्कुल न करें। बाजार में मिलने वाली कोई भी एंटी-एलर्जिक दवा, खुजली की टैबलेट या स्टेरॉयड क्रीम बिना अपनी गायनेकोलॉजिस्ट की लिखित सलाह के भूलकर भी इस्तेमाल न करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही या गलत दवा का असर सीधे प्लेसेंटा के जरिए आपके गर्भस्थ शिशु तक पहुंच सकता है और उसे गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। किसी भी समस्या में हमेशा अपने डॉक्टर पर ही भरोसा करें।
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