Health Alert: WHO ने जारी की कैंसर पैदा करने वाली टॉप 10 चीजों की लिस्ट, नंबर 1 पर मौजूद चीज हर भारतीय के घर में है बेहद पॉपुलर

कैंसर आज के समय में दुनिया की सबसे जानलेवा और डरावनी बीमारियों में से एक बन चुका है। हाल के दिनों में इसके मामलों में जिस तेजी से बढ़ोतरी हुई है, उसने मेडिकल जगत को भी चिंता में डाल दिया है। लोग अक्सर सोचते हैं कि बिना सिगरेट-शराब के भी किसी को कैंसर कैसे हो सकता है? इसका जवाब छिपा है हमारी रोजमर्रा की उन चीजों में, जिन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ‘ग्रुप 1 कार्सिनोजेन’ यानी शत-प्रतिशत कैंसर पैदा करने वाले तत्वों की श्रेणी में रखा है।

प्रसिद्ध ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) डॉ. वर्तिका विश्वानी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन टॉप 10 चीजों की लिस्ट शेयर की है, जिनके लंबे समय तक संपर्क में रहने से कैंसर होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में नंबर 1 पर जो चीज है, उसे भारत के कोने-कोने में लोग बड़े चाव से ‘माउथ फ्रेशनर’ या परंपरा के नाम पर रोज खाते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये 10 घातक चीजें।

नंबर 10 से नंबर 6: रोजमर्रा की जिंदगी में छिपा धीमा जहर

10. सूरज की यूवी किरणें (UV Radiation)

सूरज से निकलने वाली हानिकारक पराबैंगनी (Ultraviolet) किरणें सीधे तौर पर स्किन कैंसर के लिए जिम्मेदार हैं। लंबे समय तक बिना सुरक्षा के धूप में रहने से त्वचा की कोशिकाएं डैमेज होती हैं। इससे बचने के लिए घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी है।

9. अफ्लाटॉक्सिन (Aflatoxin – फंगस लगा अनाज)

यह एक प्रकार का विषैला तत्व है जो बरसात या नमी के मौसम में सही तरीके से स्टोर न किए गए अनाज (जैसे गेहूं, मक्का, मूंगफली) पर उगने वाली फंगस (उल्ली) से पैदा होता है। यदि किसी अनाज या ड्राई फ्रूट पर अजीब रंग की परत या फंगस दिखे, तो उसे तुरंत फेंक दें; यह सीधे लिवर कैंसर का कारण बन सकता है।

8. प्रोसेस्ड मीट (Processed Meat)

मार्केट में मिलने वाले पैक्ड और प्रोसेस्ड मीट जैसे कि सॉसेज, बेकन, सलामी, हॉट डॉग और हैम को WHO ने कैंसर की श्रेणी में रखा है। इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स पेट और कोलोन (आंत) का कैंसर पैदा करते हैं।

7. वायु प्रदूषण (Air Pollution)

जहरीली हवा और स्मॉग में सांस लेना फेफड़ों के कैंसर का एक बड़ा कारण बन चुका है। डॉ. वर्तिका सलाह देती हैं कि भारी प्रदूषण वाले इलाकों में जाते समय हमेशा N-95 मास्क पहनें और संभव हो तो घर के भीतर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।

6. हेपेटाइटिस बी और सी वायरस (Hepatitis B & C)

ये दोनों खतरनाक वायरस सीधे इंसान के लिवर पर हमला करते हैं। यदि इनका संक्रमण (Infection) लंबे समय तक शरीर में बना रहे और समय पर इलाज न हो, तो यह आगे चलकर लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर में बदल जाता है।

नंबर 5 से नंबर 2: वायरस का हमला और बुरी लत का अंजाम

5. ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV)

ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) एक बेहद कॉमन वायरस है, जो महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय के मुंह का कैंसर) का सबसे बड़ा कारण है। इससे बचने के लिए सही उम्र में एचपीवी वैक्सीन (HPV Vaccine) लगवाना और महिलाओं के लिए नियमित अंतराल पर पैप स्मीयर टेस्ट (Screening) करवाना अनिवार्य है।

4. अल्कोहल (Alcohol – शराब)

शराब का सेवन शरीर के अंगों के लिए सीधा काल है। आप जितनी ज्यादा मात्रा में और लंबे समय तक शराब पीते हैं, आपके शरीर में लिवर, पेट, ब्रेस्ट और फूड पाइप (भोजन नली) का कैंसर होने का रिस्क उतना ही गुना ज्यादा बढ़ जाता है।

3. पैसिव स्मोकिंग (Passive Smoking)

अगर आप खुद सिगरेट, बीड़ी या हुक्का नहीं पीते, लेकिन आपके आस-पास कोई दूसरा व्यक्ति स्मोकिंग कर रहा है और उसका धुआं आपके फेफड़ों में जा रहा है, तो आप ‘पैसिव स्मोकर’ हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पैसिव स्मोकिंग करने वालों में भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा उतना ही होता है जितना एक चैन स्मोकर को।

2. तंबाकू (Tobacco)

तंबाकू को कैंसर का राजा कहा जाए तो गलत नहीं होगा। चाहे सिगरेट-बीड़ी के रूप में धुआं उड़ाना हो या गुटखा, खैनी, जर्दा के रूप में इसे चबाना हो; तंबाकू मुंह, गले, फेफड़े, मूत्राशय और भोजन नली के कैंसर का सबसे मुख्य और प्रमाणित कारण है।

नंबर 1: ‘सुपारी’ (Areca Nut) — भारत में सबसे पॉपुलर और सबसे खतरनाक!

इस लिस्ट में सबसे ऊपर यानी नंबर 1 पर है सुपारी। भारत में बहुत से लोग पान में, माउथ फ्रेशनर के रूप में या केवल सादी सुपारी को दिन भर मुंह में दबाकर रखने के आदी होते हैं। लोगों के बीच यह बहुत बड़ी गलतफहमी है कि सुपारी तंबाकू जितनी खतरनाक नहीं होती।

  • डॉक्टर की चेतावनी: डॉ. वर्तिका के अनुसार, सुपारी को घंटों मुंह में रखने से गालों के अंदरूनी हिस्से कड़े होने लगते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस (OSMF) कहा जाता है। इसके कारण धीरे-धीरे इंसान का मुंह खुलना बंद हो जाता है।

  • अंतिम स्टेज: यह स्थिति सीधे तौर पर मुंह (ओरल) के कैंसर की पहली स्टेज होती है। इसलिए, यदि आप या आपके घर में कोई भी व्यक्ति किसी भी रूप में सुपारी खाता है, तो इस लत को आज और अभी से गुडबाय कह दें।

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