कौन है मोजतबा खामेनेई और वह कहां छिपे हैं? हमलों के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर की ‘मिस्ट्री’ ने दुनिया को उलझाया

तेहरान/दुबई। मध्य-पूर्व (Mid-East) की आग में झुलस रहे ईरान से इस वक्त की सबसे बड़ी पहेली ‘मोजतबा खामेनेई’ बने हुए हैं। रविवार को ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) की गद्दी संभालने के बाद से ही मोजतबा रहस्यमयी ढंग से गायब हैं। युद्ध के 12वें दिन भी जब ईरान पर इजरायल और अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले जारी हैं, तब नए रहबर का जनता के सामने न आना कई गंभीर कयासों को जन्म दे रहा है। आखिर मोजतबा कहां हैं और उनके घायल होने की खबरों में कितनी सच्चाई है?

ताजपोशी के बाद भी सन्नाटा: क्या मोजतबा हमले में हुए घायल?

मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत (28 फरवरी) के बाद सत्ता संभाली, लेकिन तब से लेकर अब तक उन्होंने न तो कोई भाषण दिया है और न ही कोई सार्वजनिक बयान जारी किया है। अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि हालिया हमलों में मोजतबा के पैरों में चोट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वे फिलहाल किसी “अत्यंत सुरक्षित भूमिगत ठिकाने” (Bunker) पर हैं और बहुत कम लोगों के संपर्क में हैं।

सरकार का दावा ‘स्वस्थ’, इजरायली खुफिया एजेंसी का दावा ‘घायल’

मोजतबा की सेहत को लेकर ईरान और इजरायल के बीच दावों की जंग छिड़ गई है:

  • ईरानी पक्ष: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बेटे यूसुफ पेज़ेशकियन ने टेलीग्राम पर एक संदेश जारी कर कहा है कि उनके करीबियों के अनुसार “मोजतबा सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है।”

  • इजरायली पक्ष: इजरायल के खुफिया अधिकारियों ने कड़े इनपुट्स के आधार पर दावा किया है कि मोजतबा हमलों में घायल हुए हैं और यही कारण है कि वे कैमरा के सामने नहीं आ रहे हैं।

क्षेत्रीय संकट: कुवैत और सऊदी अरब तक पहुंची जंग की आंच

ईरान के नए नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच युद्ध का दायरा बढ़ता जा रहा है।

  1. सऊदी अरब: सऊदी अरब ने अपने तेल प्रतिष्ठानों पर होने वाले कई ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम करने का दावा किया है।

  2. कुवैत: ईरान की ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) का दावा है कि उन्होंने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइलें दागी हैं।

  3. वैश्विक असर: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मोजतबा की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो ईरान के भीतर सत्ता संघर्ष शुरू हो सकता है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर पड़ेगा।

अगला कदम क्या?

विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई का मौन ईरान के भीतर एक बड़े ‘नेतृत्व संकट’ की ओर इशारा कर रहा है। यदि वे जल्द ही सामने नहीं आते हैं, तो जनता और सेना के बीच अविश्वास बढ़ सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें ईरान के आधिकारिक मीडिया चैनल ‘Irib’ पर टिकी हैं, जहां से मोजतबा का पहला संदेश आने का इंतजार किया जा रहा है।

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