कर्ज ने बढ़ा रखी है चिंता? आज भौम प्रदोष की शाम करें इस मंगलकारी स्तोत्र का पाठ, दूर होगी पैसों की तंगी

सनातन धर्म में त्रयोदशी तिथि भगवान शिव की आराधना और उनकी असीम अनुकंपा प्राप्त करने का सबसे पावन दिन मानी जाती है। जब त्रयोदशी मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे ‘भौम प्रदोष’ कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में भौम यानी मंगल ग्रह को भूमि, पराक्रम, साहस और ऋण (कर्ज) का कारक माना गया है। यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह पीड़ित हो या छठे और आठवें भाव से अशुभ संबंध बना रहा हो, तो व्यक्ति लगातार कर्ज के बोझ तले दबता चला जाता है।

शास्त्रों के अनुसार, भौम प्रदोष का दिन भगवान भोलेनाथ और उनके ग्यारहवें रुद्रावतार संकटमोचन हनुमान जी दोनों की संयुक्त आराधना का दुर्लभ दिन होता है। यदि लंबे समय से बैंक लोन, व्यापारिक उधारी या अचानक आने वाले अनचाहे खर्चों ने आपकी रातों की नींद उड़ा रखी है, तो भौम प्रदोष की शाम यानी प्रदोष काल में किया गया विशिष्ट स्तोत्र पाठ और पूजन अमोघ फलदायी सिद्ध होता है।

भौम प्रदोष की शाम करें ‘ऋणमोचक मंगल स्तोत्र’ का चमत्कारी पाठ

स्कंद पुराण में वर्णित ‘ऋणमोचक मंगल स्तोत्र’ को कर्ज से तत्काल मुक्ति और आर्थिक स्थिति को स्थिर करने के लिए सबसे अचूक और शक्तिशाली स्तोत्र माना गया है। भौम प्रदोष की शाम प्रदोष काल (सूर्यास्त के ठीक बाद के समय) में इसका पाठ करने से धन आगमन के अवरोध समाप्त होते हैं।

ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का मुख्य और फलदायी अंश:

मंगलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।

स्थिरासनो महाकायः सर्वकामफलप्रदः॥

लोहितो लोहिताक्षश्च कृपाकरो धरात्मजः।

कुजः भौमो महातेजाः सर्वाभीष्टप्रदायकः॥

एतानि कुजनामानि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।

ऋणं न जायते तस्य धनं प्राप्नोत्यसंशयम्॥

इस स्तोत्र में मंगल देव के दिव्य नामों की स्तुति की गई है, जो भूमिपुत्र, ऋणहर्ता (कर्ज हरने वाले) और धन प्रदाता हैं। मान्यता है कि भौम प्रदोष के दिन लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से इस स्तोत्र का 3, 7 या 11 बार श्रद्धापूर्वक पाठ करने से जातक के आर्थिक संकट स्वतः समाप्त होने लगते हैं।

भौम प्रदोष पर कर्ज मुक्ति के लिए शाम की सरल पूजा विधि

भौम प्रदोष की पूजा का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब उसे सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में विधि-विधान से संपन्न किया जाए:

  • शुद्धता और वस्त्र: शाम को सूर्यास्त से आधा घंटा पहले स्नान कर स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र धारण करें।

  • शिवलिंग पर जलाभिषेक: तांबे के लोटे में शुद्ध गंगाजल, कच्चा दूध (चांदी या पीतल के पात्र में अलग रखें), थोड़ा सा लाल चंदन, लाल पुष्प और शहद मिलाएं। शिवलिंग पर ॐ ऋणमुक्तेश्वराय नमः अथवा ॐ नमः शिवाय का निरंतर जाप करते हुए पतली धार से जल अर्पित करें।

  • बेलपत्र और शमी पत्र: शिवलिंग पर 11 या 21 साबुत बेलपत्र लाल चंदन से त्रिपुंड बनाकर अर्पित करें। साथ ही शमी के पत्ते भी चढ़ाएं।

  • दीपक और भोग: पूजा चौकी पर भगवान शिव और हनुमान जी के समक्ष गाय के शुद्ध घी अथवा चमेली के तेल का चौमुखी दीपक प्रज्वलित करें। भगवान को गुड़ और भुने हुए चने या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।

  • स्तोत्र और मंत्र जाप: आसन पर बैठकर पहले हनुमान चालीसा का पाठ करें, उसके बाद एकाग्रचित्त होकर ‘ऋणमोचक मंगल स्तोत्र’ का पाठ करें। अंत में कर्पूर जलाकर शिवजी और हनुमान जी की आरती करें।

कर्ज से स्थायी मुक्ति के लिए ध्यान रखें ये 3 सावधानियां

  • मंगलवार को कभी न लें नया कर्ज: शास्त्रों के अनुसार, मंगलवार के दिन कभी भी किसी से नया कर्ज या उधारी नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि मंगलवार को लिया गया ऋण चुकाना अत्यंत कठिन हो जाता है। हालांकि, इस दिन पुराना कर्ज चुकाने के लिए पहली किस्त देना अत्यंत शुभ माना जाता है।

  • वाणी और आचरण में रखें संयम: भौम प्रदोष के दिन किसी पर गुस्सा न करें, न ही अपशब्द बोलें। घर में वाद-विवाद से बचें ताकि लक्ष्मी और कुबेर की कृपा बनी रहे।

  • तांबे के पात्र में दूध न डालें: जलाभिषेक करते समय ध्यान रखें कि तांबे के बर्तन में कभी भी दूध नहीं डालना चाहिए। दूध का अभिषेक केवल चांदी, पीतल या कांसे के बर्तन से ही करें।

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