17 की उम्र में बनी थीं सलमान खान की हीरोइन, बीमारी में अपनों ने छोड़ा साथ; अब मुंबई की चॉल में रहकर घर-घर टिफिन पहुंचा रहीं पूजा डडवाल

बॉलीवुड की चकाचौंध भरी मायावी दुनिया जितनी बाहर से हसीन नजर आती है, उसके पीछे का संघर्ष और अंधेरा कई बार रूह कंपा देने वाला होता है। हर साल हजारों चेहरे अपनी किस्मत आजमाने सपनों के शहर मुंबई की दहलीज लांघते हैं, लेकिन शोहरत की बुलंदी पर हर किसी का मुकद्दर नहीं टिक पाता। कुछ कलाकार एक ही झटके में सुपरस्टार बन जाते हैं, तो कई सितारे बड़े बैनर और बड़े हीरो के साथ करियर शुरू करने के बावजूद गुमनामी के घने साए में खो जाते हैं। ऐसी ही एक बेहद भावुक, प्रेरणादायी और दर्दनाक कहानी है अभिनेत्री पूजा डडवाल की। कभी हिंदी सिनेमा के सुल्तान सलमान खान के अपोजिट मुख्य नायिका बनकर बड़े पर्दे पर अपनी खूबसूरती और अभिनय का जादू बिखेरने वाली पूजा आज मुंबई की एक तंग चॉल में सादगी से रहकर घर-घर टिफिन पहुंचाने का काम कर रही हैं। उनकी जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं, जिसमें ग्लैमर, गंभीर बीमारी, अपनों का परित्याग और फिर राख से उठकर खड़े होने का अदम्य साहस शामिल है।

17 साल की उम्र में सलमान खान संग बड़ा डेब्यू और बॉलीवुड का कड़वा सच

पूजा डडवाल ने महज 17 साल की अल्हड़ उम्र में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े मंच पर कदम रखा था। साल 1995 में जब निर्देशक के. के. सिंह की एक्शन ड्रामा फिल्म ‘वीरगति’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तो पूजा डडवाल सलमान खान के साथ लीड रोल में नजर आई थीं। उस दौर में सलमान खान बॉलीवुड के स्थापित रोमांटिक और एक्शन स्टार बन चुके थे, और उनके साथ किसी नई लड़की का स्क्रीन साझा करना बहुत बड़ी कामयाबी माना जाता था। पूजा को उम्मीद थी कि इस मेगा प्रोजेक्ट के बाद उनके पास बड़े निर्देशकों और निर्माताओं की कतार लग जाएगी।

हालांकि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। फिल्म ‘वीरगति’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और फ्लॉप साबित हुई। फिल्म के असफल होते ही पूजा के करियर को करारा झटका लगा। बॉलीवुड का यह अनकहा नियम रहा है कि पहली असफलता के बाद नई अभिनेत्रियों को दोबारा मुख्यधारा में स्थापित होने के मौके बहुत कम मिलते हैं। पूजा के साथ भी यही हुआ। जब उन्हें बड़े बजट की फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं मिलनी बंद हो गईं, तो उन्होंने अपने अभिनय के शौक को जिंदा रखने के लिए छोटे पर्दे का रुख किया। उन्होंने ‘आशिकी’ और ‘घराना’ जैसे कई चर्चित टीवी धारावाहिकों में अभिनय कर अपनी पहचान बनाए रखने की पूरी कोशिश की।

शादी के बाद मायानगरी को अलविदा, गोवा में कैसीनो और जिंदगी का सबसे दर्दनाक मोड़

मनोरंजन जगत में लगातार जूझने और मनमुताबिक सफलता न मिलने के बाद पूजा डडवाल ने अपने जीवन को एक नई दिशा देने का फैसला किया। उन्होंने शादी की और फिल्मी चकाचौंध को हमेशा के लिए अलविदा कहकर अपने पति के साथ गोवा में बस गईं। गोवा में उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर एक कैसीनो का संचालन शुरू किया। शुरुआती दौर में सब कुछ ठीक रहा और ऐसा लगा कि पूजा ने अपने अतीत की असफलताओं को पीछे छोड़कर एक सुकून भरी गृहस्थी बसा ली है।

लेकिन जिंदगी उनके सब्र की अभी और कड़ी परीक्षा लेने वाली थी। साल 2018 में पूजा की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ने लगी। जांच के बाद पता चला कि वह ट्यूबरकुलोसिस यानी टीबी (Tuberculosis) जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आ चुकी हैं। बीमारी इतनी तेजी से फैली कि उनके फेफड़ों में गंभीर संक्रमण हो गया और उनका शरीर पूरी तरह कमजोर होकर कंकाल में तब्दील होने लगा। आर्थिक स्थिति पहले से ही डगमगा चुकी थी और महंगी दवाइयों व इलाज का खर्च उठाना उनके बूते से बाहर हो गया।

जब अपनों ने छोड़ा बेसहारा, मुंबई के सरकारी अस्पताल में मौत से जूझती रहीं एक्ट्रेस

कहा जाता है कि इंसान की असली परख बुरे वक्त में होती है, और पूजा डडवाल के लिए यह दौर किसी नरक से कम नहीं था। जब पूजा को सबसे ज्यादा भावनात्मक और आर्थिक सहारे की जरूरत थी, उस नाजुक घड़ी में उनके पति और ससुराल वालों ने उनसे पूरी तरह मुंह मोड़ लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीमारी और पैसों की तंगी देखकर उनके अपने ही उन्हें तन्हा छोड़कर चले गए। बेबस, बीमार और पाई-पाई को मोहताज हो चुकीं पूजा के पास गोवा में रुकने का कोई जरिया नहीं बचा।

अत्यंत दयनीय हालत में वह गोवा से मुंबई लौट आईं। मुंबई में उनके पास न सिर छिपाने की जगह थी और न ही इलाज के लिए पैसे। ऐसे कठिन समय में एक शुभचिंतक की मदद से उन्हें मुंबई के शिवड़ी स्थित टीबी अस्पताल (सरकारी अस्पताल) में भर्ती कराया गया। अस्पताल में दिन-प्रतिदिन उनका बिल बढ़ता जा रहा था और दवाइयों के अभाव में उनकी सांसें उखड़ने लगी थीं। जब उम्मीद की सारी किरणें बुझने लगीं, तब पूजा ने अपनी जान बचाने के लिए एक भावुक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया और बॉलीवुड के अपने पुराने साथियों से मदद की गुहार लगाई।

भाईजान बने मसीहा, सलमान खान और रवि किशन ने बढ़ाई मदद की ढाल

पूजा डडवाल की यह दर्दनाक दास्तान जैसे ही मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए बाहर आई, इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया। सलमान खान तक जब यह खबर पहुंची कि उनकी पूर्व सह-कलाकार जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं, तो उन्होंने तुरंत अपनी टीम को एक्टिव किया। सलमान खान के बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन ने पूजा के इलाज की पूरी कमान संभाल ली। सलमान खान ने लगातार छह से नौ महीनों तक उनके अस्पताल का खर्च, महंगी दवाइयां और विशेष पोषण की व्यवस्था कराई।

सलमान के अलावा भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और वर्तमान सांसद रवि किशन ने भी पूजा की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया और आर्थिक सहायता भेजी। बड़े स्तर पर मिले मेडिकल सपोर्ट और अपनी अटूट इच्छाशक्ति के दम पर आखिरकार पूजा ने टीबी जैसी खतरनाक बीमारी को मात दे दी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पूजा ने एक भावुक साक्षात्कार में कहा था कि अगर सलमान खान वक्त पर आगे न आते, तो वह शायद आज इस दुनिया में जिंदा नहीं होतीं; सलमान ने उन्हें सचमुच दूसरा जीवन दान दिया है।

10×10 की चॉल, घरों में झाड़ू-पोंछा और फिर टिफिन सर्विस से आत्मनिर्भरता की मिसाल

बीमारी से जंग जीतना तो केवल आधी लड़ाई थी, अस्पताल से बाहर आने के बाद पूजा के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि वे अपना पेट कैसे भरेंगी। सारी जमापूंजी खत्म हो चुकी थी, परिवार साथ छोड़ चुका था और इंडस्ट्री से दूर हुए दशकों बीत चुके थे। ऐसे में पूजा ने मुंबई के एक उपनगरीय इलाके की चॉल में 10×10 का एक छोटा सा कमरा किराए पर लिया। गुजारा करने के लिए उन्होंने कभी हार नहीं मानी और स्वाभिमान से जीने के लिए दूसरों के घरों में घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने से भी परहेज नहीं किया।

साल 2020 में पूजा ने एक बार फिर कैमरे के सामने लौटने का प्रयास किया और पंजाबी फिल्म ‘शुकराना: गुरु नानक देव जी का’ में एक छोटा सा रोल निभाया। हालांकि इस प्रोजेक्ट से उनकी आर्थिक स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। उन्होंने समझ लिया कि फिल्मों के भरोसे हाथ पर हाथ रखकर बैठने से रोजी-रोटी नहीं चलेगी। इसके बाद निर्देशक राजेंद्र सिंह की मदद और मार्गदर्शन से पूजा ने अपनी खुद की एक घरेलू टिफिन सर्विस शुरू करने का साहसिक कदम उठाया।

आज पूजा डडवाल अपने उसी छोटे से कमरे में खुद अपने हाथों से ताजा और पौष्टिक खाना बनाती हैं और मुंबई के कामकाजी लोगों व छात्रों तक टिफिन डिलीवर करवाती हैं। चकाचौंध की दुनिया से कोसों दूर, बिना किसी शिकायत के वह पसीने की कमाई से अपना गुजारा कर रही हैं। पूजा डडवाल की यह जीवन यात्रा हर उस शख्स के लिए एक बड़ी मिसाल है, जो मुश्किल हालातों में हिम्मत हार बैठता है। कभी सलमान खान की हिरोइन रहीं पूजा ने यह साबित कर दिया कि काम कोई भी छोटा या बड़ा नहीं होता, आत्मसम्मान और मेहनत से जी गई जिंदगी ही सबसे बड़ी दौलत होती है।

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