
इस्लामाबाद/लंदन। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान के परिवार पर हुकूमत और सैन्य तंत्र की सख्ती के बीच उनके बेटे कासिम खान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सनसनीखेज खुलासे किए हैं। कासिम खान ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि उनकी मौसियों यानी इमरान खान की तीनों बहनों—अलीमा खान, उजमा खान और नोरीन नियाजी—को गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में रखा गया है और वर्तमान में न तो परिवार को उनकी खैरियत की कोई खबर है और न ही वकीलों को उनसे मिलने दिया जा रहा है। कासिम ने दावा किया कि उनके पिता इमरान खान के बारे में भी पिछले छह महीनों से पूरी तरह रहस्यमयी खामोशी बरती जा रही है और उन्हें अपने पिता की वास्तविक शारीरिक व मानसिक सेहत की रत्ती भर भी जानकारी नहीं दी जा रही है।
‘मेरी मौसियों का अपहरण हुआ है’: कासिम खान का सीधा प्रहार
लंदन में रह रहे इमरान खान के छोटे बेटे कासिम खान ने कड़े शब्दों में पाकिस्तानी प्रशासन की कार्रवाई को ‘अपहरण’ करार दिया:
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न स्वास्थ्य अपडेट, न कानूनी पहुंच: कासिम ने पोस्ट में लिखा, ‘वर्तमान में मेरी मौसियों को अगवा करके रखा गया है। परिवार और उनके कानूनी वकीलों को इस बात का कोई अपडेट नहीं मिला है कि वे किस हाल में हैं और उन्हें किन आरोपों के तहत जेल की सलाखों के पीछे डाला गया है।’
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दवाइयों की आपूर्ति तक रोकी गई: परिवार की ओर से अदालत में दी गई जानकारी के मुताबिक, हिरासत में ली गई महिलाओं को नियमित दवाइयां तक ठीक से नहीं दी जा रही हैं। उन्हें केवल एक बार आवश्यक दवाइयां पहुंचाने की अनुमति मिली थी, जिसके बाद से संपर्क पूरी तरह काट दिया गया।
6 महीने से पिता से कोई बात नहीं, सेहत पर रहस्य
कासिम खान ने केवल अपनी मौसियों की गिरफ्तारी पर ही नहीं, बल्कि रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद अपने पिता इमरान खान की सुरक्षा और एकांत कारावास पर भी गंभीर चिंता जताई।
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पूरी तरह ब्लैकआउट: कासिम ने खुलासा किया कि उनका और उनके बड़े भाई सुलेमान खान का अपने पिता से पिछले छह महीने से अधिक समय से कोई सीधा संपर्क नहीं हो सका है।
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फोन कॉल और मुलाकातों पर पाबंदी: जेल प्रशासन अदालती आदेशों के बावजूद परिवार और विदेशी कॉल की अनुमति नहीं दे रहा है। कासिम ने कहा, ‘हमें यह भी नहीं पता कि मेरे पिता की सेहत की असल स्थिति क्या है। चारों तरफ बस एक रहस्यमयी सन्नाटा खींच दिया गया है।’
क्यों हिरासत में ली गई थीं इमरान खान की बहनें?
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सितंबर के अंत में इमरान खान की रिहाई, मानवाधिकारों की बहाली और संविधान की सर्वोच्चता के समर्थन में राजधानी इस्लामाबाद तक एक बड़े विरोध मार्च और देशव्यापी प्रदर्शनों का आह्वान किया था।
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30 दिनों की नजरबंदी: इस प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले पंजाब पुलिस और प्रशासन ने शांति-व्यवस्था भंग होने की आशंका जताते हुए इमरान खान की तीनों बहनों को उनके घरों और प्रदर्शन स्थलों से 30 दिनों की ‘निवारक हिरासत’ (Preventive Detention) में भेज दिया था।
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लाहौर हाई कोर्ट से झटका: परिवार ने 24 सितंबर को लाहौर हाई कोर्ट में हिरासत के आदेश को तुरंत निलंबित करने की गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद परिवार ने दोबारा अर्जी लगाकर केवल वकीलों और परिजनों की मानवीय मुलाकात व चिकित्सा सुविधा की इजाजत मांगी है।
‘दमन से नहीं दबेगी जनता की आवाज’: कासिम की दो टूक
कासिम खान ने अपने संदेश में कहा कि हजारों की संख्या में पाकिस्तानी नागरिक अपने लोकप्रिय नेता की राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित और अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के निर्दोष सदस्यों, महिलाओं और रिश्तेदारों को डरा-धमकाकर या सलाखों में डालकर सत्ता तंत्र लोगों की न्याय की मांग को दबा नहीं सकता। कासिम ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की कि वे पाकिस्तान में कानून के शासन और राजनीतिक बंदियों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार का तत्काल संज्ञान लें।
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