लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर बनेगा विशाल इंटरचेंज: गंगा एक्सप्रेस-वे और 2 हाइवे से होगी डायरेक्ट कनेक्टिविटी, खत्म होगा आजाद मार्ग का जाम

लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों और उद्योग जगत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर उन्नाव स्थित आजाद मार्ग चौराहे के पास जल्द ही एक बड़ा इंटरचेंज (Interchange) बनाया जाएगा। इससे न केवल गंगा एक्सप्रेस-वे, बल्कि दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और 93 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित आउटर रिंग रोड आपस में जुड़ जाएंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, वर्ष 2028 तक इस नए इंटरचेंज और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

खत्म होगी जाम की समस्या, बदलेगी टोल व्यवस्था

वर्तमान में 6-लेन वाले इस एक्सप्रेस-वे पर आजाद मार्ग चौराहे के पास एंट्री और एग्जिट के लिए सिर्फ दो लेन हैं, जिसके कारण वाहनों का दबाव बढ़ते ही लंबा जाम लग जाता है।

  • बैरियरलेस टोल सिस्टम: वर्तमान में लखनऊ (दारोगा खेड़ा) की तरफ बिना बैरियर के डिजिटल टोल कट रहा है, जबकि उन्नाव की तरफ बैरियर लगे हैं। सफल ट्रायल के बाद उन्नाव में भी पूरी तरह बैरियरलेस टोल सिस्टम लागू कर दिया जाएगा।

  • समय की बचत: 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 63 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे के कारण लखनऊ से कानपुर का सफर महज 45 मिनट का रह गया है।

  • आसान एंट्री-एग्जिट: नया इंटरचेंज बनने के बाद वाहनों को बिना रुके निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे आजाद मार्ग का आजाद नगर टोल प्लाजा खत्म होकर नई यातायात व्यवस्था लागू होगी।

इन दो नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ेगा रूट

यह विशाल इंटरचेंज बनने के बाद कनेक्टिविटी का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा:

  1. गंगा एक्सप्रेस-वे

  2. कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे

  3. उन्नाव-लालगंज नेशनल हाईवे

  4. कानपुर-उन्नाव-लखनऊ 93 किमी आउटर रिंग रोड

वर्तमान में एक्सप्रेस-वे कानपुर शहर से 6 किमी पहले आजाद चौराहे पर खत्म हो जाता है, जिससे वाहन चालकों को शहर में जाने के लिए पुरानी सड़कों का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन आउटर रिंग रोड और इंटरचेंज बनने से कानपुर शहर के भीतर प्रवेश बेहद आसान हो जाएगा।

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगा जबरदस्त बूस्टर

बेहतर कनेक्टिविटी से इस पूरे रीजन में औद्योगिक क्रांति देखने को मिलेगी:

  • सूक्ष्म एवं लघु उद्योग (MSME): उन्नाव के 2,686 औद्योगिक क्षेत्रों और लखनऊ के सरोजनीनगर तथा अमौसी-नादरगंज स्थित 300 से अधिक MSME इकाइयों को सीधा फायदा होगा।

  • डिफेंस कॉरिडोर: उन्नाव के बिछिया ब्लॉक (मैंता और बनिगवां गांव) में प्रस्तावित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए यह एक्सप्रेस-वे लॉजिस्टिक्स की रीढ़ साबित होगा।

  • औद्योगिक गलियारे: लखनऊ के भटगांव और उन्नाव के सरायं कटियान में बन रहे औद्योगिक गलियारों को भी रफ्तार मिलेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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