वेनेजुएला के बाद अब पाकिस्तान में भूकंप के तेज झटके, 5.4 की तीव्रता से कांपी धरती; बलूचिस्तान था मुख्य केंद्र

इस्लामाबाद/आपदा प्रबंधन डेस्क: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला (Venezuela) में आई भीषण तबाही के बाद शनिवार, 27 जून 2026 की सुबह पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.4 मापी गई है. अचानक आए इन झटकों के कारण कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग खौफ के मारे अपने घरों और बहुमंजिला इमारतों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे.

बलूचिस्तान का बरखान शहर था भूकंप का केंद्र

अंतर्राष्ट्रीय सीस्मोलॉजिकल एजेंसियों के मुताबिक, इस भूकंप की गहराई और केंद्र बलूचिस्तान इलाके में दर्ज किया गया:

  • भूकंप का केंद्र (Epicenter): ‘यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर’ (EMSC) और ‘अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण’ (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, भूकंप का मुख्य केंद्र पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित बरखान (Barkhan) शहर से लगभग 63 किलोमीटर दूर था.

  • गहराई और समय: यह भूकंप भारतीय समयानुसार (IST) सुबह करीब 8:36 बजे आया. धरती के भीतर इसकी गहराई अमेरिकी एजेंसी के अनुसार 35 किलोमीटर थी, जबकि कुछ अन्य स्थानीय रिपोर्टों में इसे जमीन से 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है.

राहत की खबर: हालांकि झटके काफी तेज थे, लेकिन प्राथमिक तौर पर प्रांतीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा किसी भी जान-माल के बड़े नुकसान या किसी मुख्य बुनियादी ढांचे (Infrastructures) के ढहने की कोई तात्कालिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है. सुदूर ग्रामीण इलाकों से अभी भी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है.

तकनीकी रूप से बेहद संवेदनशील है पाकिस्तान, जानिए क्यों आते हैं यहां भूकंप?

भौगोलिक और तकनीकी दृष्टि से पाकिस्तान दुनिया के सबसे खतरनाक और संवेदनशील सीस्मिक जोन (भूकंपीय क्षेत्रों) में से एक माना जाता है. इसके पीछे का मुख्य वैज्ञानिक कारण इस प्रकार है:

  • टेक्टोनिक प्लेट्स का टकराव: पाकिस्तान ठीक उस भूगर्भीय सीमा रेखा (Fault Line) पर स्थित है, जहां इंडियन प्लेट (Indian Plate) और यूरेशियन प्लेट (Eurasian Plate) आपस में लगातार टकरा रही हैं.

  • प्रांतों पर खतरा: इन दो विशाल प्लेटों के टकराव और दबाव के कारण पाकिस्तान का बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत हमेशा एक्टिव फॉल्ट लाइनों की जद में रहते हैं, जिससे यहां अक्सर छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं.

समझिए क्यों और कैसे आता है भूकंप?

पृथ्वी के भीतर होने वाली हलचल ही धरातल पर तबाही का कारण बनती है:

  1. प्लेट्स की हलचल: हमारी पृथ्वी की बाहरी परत (क्रस्ट) कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है, जो नीचे मौजूद अत्यधिक गर्म तरल मैग्मा पर तैरती रहती हैं. ये प्लेट्स बहुत धीमी गति से लगातार हिलती-डुलती रहती हैं.

  2. ऊर्जा का निकलना (Seismic Waves): जब ये प्लेट्स आपस में रगड़ खाती हैं या घर्षण के कारण एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती हैं, तो लॉक हो चुकी चट्टानें अचानक टूटती हैं. इससे भारी मात्रा में भूगर्भीय ऊर्जा तरंगों (Seismic Waves) के रूप में निकलती है, जो सतह पर कंपन या भूकंप लाती है.

  3. अन्य कारण: प्राकृतिक हलचल के अलावा बड़े बांधों का निर्माण, भारी परमाणु या खदान ब्लास्टिंग और ज्वालामुखी विस्फोट भी स्थानीय स्तर पर भूकंप ला सकते हैं. इसे रिक्टर स्केल (Richter Scale) पर मापा जाता है.

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