लखनऊ। वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया, जिसे हम अक्षय तृतीया के रूप में मनाते हैं, इस बार 19 अप्रैल 2026 को स्वास्थ्य और दीर्घायु का वरदान लेकर आ रही है। इस वर्ष अक्षय तृतीया पर ‘आयुष्मान योग’ का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में आयुष्मान योग को लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहा है, तो इस शुभ घड़ी में किए गए कुछ विशेष उपाय आपको असाध्य रोगों से मुक्ति दिला सकते हैं।
1. महामृत्युंजय मंत्र का जाप: अकाल मृत्यु और रोगों का नाश
अक्षय तृतीया के दिन भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। आयुष्मान योग के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करना शारीरिक कष्टों को जड़ से मिटाने में सहायक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह मंत्र न केवल अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी आध्यात्मिक बल प्रदान करता है।
2. जल का दान: मानसिक और शारीरिक शीतलता
अक्षय तृतीया का पर्व भीषण गर्मी के आगमन का संकेत होता है। इस दिन मिट्टी के पात्र (घड़ा या सुराही) में शुद्ध जल भरकर दान करना परम पुण्यदायी है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, जल दान करने से कुंडली में बुध और चंद्रमा बलवान होते हैं। इससे न केवल मानसिक तनाव कम होता है, बल्कि गर्मी से संबंधित शारीरिक व्याधियों में भी लाभ मिलता है।
3. औषधियों का दान: जरूरतमंदों की मदद से पाएं स्वास्थ्य
आयुष्मान योग के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए इस दिन किसी अनाथालय, वृद्धाश्रम या अस्पताल में दवाइयों का दान करें। किसी बीमार व्यक्ति की दवा का खर्च उठाना या उसे स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना, अक्षय तृतीया पर किए गए सबसे बड़े पुण्यों में गिना जाता है। माना जाता है कि दूसरों को स्वास्थ्य देने से व्यक्ति स्वयं स्वस्थ रहता है।
4. पितृ पूजन: पितृ दोष और बीमारियों से राहत
कई बार कुंडली में पितृ दोष के कारण घर में बीमारियां पीछा नहीं छोड़तीं। अक्षय तृतीया पितरों को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ दिन है। इस दिन अपने पूर्वजों के नाम पर पिंडदान, तर्पण या दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। पितरों का आशीर्वाद मिलने से परिवार में आनुवंशिक रोगों और अकारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में कमी आती है।
5. पीली वस्तुओं का दान: सूर्य और गुरु की मिलेगी कृपा
2026 में अक्षय तृतीया पर सूर्य अपनी उच्च राशि में होंगे। ऐसे में पीले रंग की वस्तुओं जैसे— आम, तरबूज, चने की दाल या केसरिया वस्त्रों का दान करना अत्यंत लाभकारी है। पीली वस्तुओं के दान से बृहस्पति (गुरु) और सूर्य दोनों मजबूत होते हैं, जो व्यक्ति को तेज, ओज और एक मजबूत पाचन तंत्र प्रदान करते हैं।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया