अक्षय तृतीया 2026: आज रोहिणी नक्षत्र के शुभ संयोग में बरसेगी कृपा, जानें दान-पुण्य का महत्व और सटीक विधि

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को एक ‘अबूझ मुहूर्त’ और बेहद पवित्र तिथि माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी क्षय (खत्म) नहीं होता, इसीलिए इसे ‘अक्षय’ कहा जाता है। इस साल 20 अप्रैल 2026 को सोमवार के दिन यह महापर्व मनाया जा रहा है। उदया तिथि और रोहिणी नक्षत्र का अद्भुत संयोग इस दिन की शुभता में चार चांद लगा रहा है।

रोहिणी नक्षत्र और उदया तिथि का खास योग

ज्योतिष गणना के अनुसार, जब तृतीया तिथि दो दिनों तक रहती है, तो उदया तिथि (सूर्योदय के समय रहने वाली तिथि) को ही उत्सव के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस बार सोमवार को अक्षय तृतीया पड़ने से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है। इस दिन को ‘जया तिथि’ भी कहा जाता है, जो हर कार्य में सफलता और विजय सुनिश्चित करती है। यही कारण है कि आज के दिन विवाह, नए व्यापार की शुरुआत और सोने की खरीदारी करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

स्नान और दान से मिलेगा अक्षय पुण्य

अक्षय तृतीया के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने की प्राचीन परंपरा है। मान्यता है कि आज के दिन गंगा या यमुना में डुबकी लगाने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।

  • घर पर स्नान: यदि आप नदी तक नहीं जा सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी उतना ही शुभ माना जाता है।

  • गर्मी से जुड़ी वस्तुओं का दान: आज के दिन जरूरतमंदों को जल से भरा घड़ा, हाथ का पंखा, छाता, चप्पल, सत्तू और खरबूजा दान करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।

नमक का दान और मां लक्ष्मी का संबंध

अक्षय तृतीया पर नमक का दान करना विशेष फलदायी बताया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नमक की उत्पत्ति समुद्र से हुई है और माता लक्ष्मी भी समुद्र से प्रकट हुई थीं। इस नाते नमक को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। आज के दिन घर में सेंधा नमक लाना और उसका दान करना आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलता है।

विष्णु के अवतारों की जयंती का पर्व

यह दिन केवल धन की देवी लक्ष्मी की पूजा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भगवान विष्णु के भक्तों के लिए भी बहुत खास है। माना जाता है कि इसी पावन तिथि पर:

  1. भगवान परशुराम का अवतरण हुआ था।

  2. भगवान हयग्रीव और नर-नारायण का भी अवतार हुआ था।

    इसलिए आज भगवान विष्णु के इन स्वरूपों की पूजा करने से मानसिक शांति और शक्ति प्राप्त होती है।

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