
हेल्थ डेस्क। गर्मियों का मौसम आते ही उत्तर भारत के घरों में ‘देसी प्रोटीन शेक’ यानी सत्तू का दबदबा बढ़ जाता है। चने से बना सत्तू न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाता है, बल्कि इसे सेहत का खजाना भी माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप सुपरफूड समझकर पी रहे हैं, उसे लेने का गलत तरीका आपकी सेहत को पूरा फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान भी दे सकता है? मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट सोनिया नरंग ने सत्तू के सेवन को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने आगाह किया है कि सत्तू एक हेल्दी ड्रिंक जरूर है, लेकिन इसके पोषक तत्वों का पूरा लाभ उठाने के लिए सही तरीका जानना उससे भी कहीं ज्यादा जरूरी है।
प्रोटीन का पावरहाउस है सत्तू, पर सेवन में न करें ये चूक
सोनिया नरंग के अनुसार, सत्तू फाइबर और आयरन का बेहतरीन स्रोत है, जो मांसपेशियों की मरम्मत और वजन घटाने में मदद करता है। अक्सर लोग इसे केवल स्वाद के लिए पीते हैं और इसमें ढेर सारी चीनी या अधिक नमक मिला देते हैं, जिससे इसके प्राकृतिक गुण कम हो जाते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट का मानना है कि सत्तू का सेवन तभी सबसे ज्यादा प्रभावी होता है जब इसे सही कॉम्बिनेशन के साथ लिया जाए। इसे पीने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इसे सादे पानी में भुने जीरे, थोड़े से काले नमक और ताजी छाछ के साथ मिलाकर लिया जाए, जिससे इसकी पाचन शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।
खाली पेट सत्तू पीना कितना सही? जानें एक्सपर्ट की राय
सत्तू के शौकीनों के बीच अक्सर यह बहस रहती है कि इसे कब पीना चाहिए। सोनिया नरंग सलाह देती हैं कि सुबह के समय या वर्कआउट के बाद सत्तू का सेवन सबसे अधिक लाभकारी होता है। हालांकि, इसे बहुत अधिक मात्रा में एक बार में नहीं पीना चाहिए क्योंकि इसमें फाइबर बहुत अधिक होता है, जिससे पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसे धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पीना चाहिए ताकि शरीर इसके प्रोटीन को आसानी से सोख सके। यदि आप इसे सही तरीके से लेते हैं, तो यह दिन भर आपके एनर्जी लेवल को बनाए रखने में किसी भी महंगे सप्लीमेंट से बेहतर काम करता है।
गलत तरीके से पीने पर हो सकती हैं ये समस्याएं
सत्तू की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसे रात के समय लेने से बचना चाहिए। इसके अलावा, जो लोग बिना घोले या बहुत गाढ़ा सत्तू पीते हैं, उन्हें कब्ज या गैस की शिकायत हो सकती है। न्यूट्रिशनिस्ट सोनिया नरंग का कहना है कि सत्तू को हमेशा अच्छी तरह फेंटकर और तरल रूप में ही लेना चाहिए। यदि आप इसमें प्याज, मिर्च और नींबू का रस मिलाते हैं, तो यह न केवल स्वादिष्ट बनता है बल्कि आपके मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है। तो अगली बार सत्तू का गिलास उठाने से पहले इन बातों का ध्यान जरूर रखें ताकि आपको मिले असली ‘देसी पावर’।
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