बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़: नीतीश कुमार का इस्तीफा; बोले ‘सेवा का लंबा सफर पूरा हुआ, अब नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन’

पटना : बिहार के राजनीतिक गलियारों से आज की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार को राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंपने के बाद नीतीश कुमार काफी भावुक नजर आए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी एक लंबे संदेश में उन्होंने 2005 से अब तक की अपनी यात्रा और साल 2030 के लिए बिहार के विजन को साझा किया।

“हमने खुद तय किया कि अब पद छोड़ देंगे”

इस्तीफे की वजह स्पष्ट करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने काफी लंबे समय तक राज्य की सेवा की है और अब उन्होंने स्वेच्छा से यह पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने लिखा, “मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है। हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे।” हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि वे राजनीति से पूरी तरह दूर नहीं हो रहे हैं और नई सरकार को उनका सहयोग व मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

2005 से 2026: ‘न्याय के साथ विकास’ का सफर

नीतीश कुमार ने 24 नवंबर 2005 की तारीख को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, तब बिहार की स्थिति क्या थी। उनके संदेश के मुख्य बिंदु:

  • कानून का राज: उन्होंने दावा किया कि पिछले दो दशकों में बिहार में ‘जंगलराज’ को खत्म कर कानून का शासन स्थापित करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही।

  • समावेशी विकास: बिना किसी भेदभाव के हिंदू, मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़े और दलित—सभी वर्गों के लिए काम किया।

  • बुनियादी ढांचा: शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और कृषि के क्षेत्र में आए बदलावों को उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धि बताया।

2030 का विजन: ‘7 निश्चय-3’ का रोडमैप

नीतीश कुमार ने अपने इस्तीफे के साथ ही बिहार के भविष्य के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट भी पेश किया। उन्होंने ‘7 निश्चय-3’ का जिक्र करते हुए कहा कि 2025 से 2030 के बीच बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए पूरा ढांचा तैयार है।

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से बिहार अब देश की प्रगति में और भी महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है। मुझे विश्वास है कि बिहार अब देश के टॉप राज्यों में शामिल होगा।” — नीतीश कुमार

पीएम मोदी का जताया आभार

अपने विदाई संदेश में नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग के कारण ही बिहार में कई बड़ी परियोजनाएं धरातल पर उतर पाई हैं।

बिहार की जनता को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि राज्यवासियों का प्यार ही उनकी असली ताकत रहा है। अब देखना यह होगा कि नीतीश कुमार के इस कदम के बाद बिहार की राजनीति क्या नया मोड़ लेती है और एनडीए की ओर से अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

Check Also

मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे से पहले विवाद: USCIRF ने की RSS पर बैन की मांग, PM मोदी का भी लिया नाम

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के आगामी अमेरिका दौरे को लेकर अंतरराष्ट्रीय …