क्या तरबूज खाने से वाकई जा सकती है जान? वायरल हो रही मौतों की खबरों के पीछे का सच जान लें…

गर्मियों का सीजन आते ही तरबूज की डिमांड बढ़ जाती है, लेकिन इस साल तरबूज का स्वाद डर में बदल गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर तरबूज खाने से हुई मौतों की खबरों ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। खासकर मुंबई और छत्तीसगढ़ से आई घटनाओं के बाद लोग अब इस रसीले फल को हाथ लगाने से भी कतरा रहे हैं। वायरल संदेशों में दावा किया जा रहा है कि तरबूज अब ‘साइलेंट किलर’ बन चुका है। लेकिन क्या वास्तव में फल ही मौत का कारण है? डॉक्टरों ने इस पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।

मुंबई और छत्तीसगढ़ की वो घटनाएं जिनसे मचा बवाल

दहशत की शुरुआत तब हुई जब मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की तरबूज खाने के चंद घंटों बाद मौत की खबर आई। इसके तुरंत बाद छत्तीसगढ़ से भी एक 15 साल के लड़के की मौत की सूचना मिली, जिसका संबंध कथित तौर पर तरबूज के सेवन से बताया गया। सोशल मीडिया पर ये खबरें आग की तरह फैलीं और लोगों ने सवाल उठाया कि क्या गर्मियों का सबसे खास फल अब असुरक्षित हो गया है? हालांकि, अपोलो स्पेक्ट्रा मुंबई के विशेषज्ञ डॉ. छाया वाजा का कहना है कि तरबूज प्राकृतिक रूप से कभी जहरीला नहीं होता।

झाग वाला तरबूज और वायरल वीडियो का सच

चिंता तब और बढ़ गई जब मशहूर यूट्यूबर गौरव तनेजा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें तरबूज के अंदर से सफेद झाग निकलता दिख रहा था। इसे लेकर एस्टर व्हाइटफील्ड अस्पताल के डॉ. बसवराज एस. कुंबर ने स्पष्ट किया कि यह किसी ‘जहर’ या ‘इंजेक्शन’ का असर नहीं है। दरअसल, जब तरबूज बहुत ज्यादा पक जाता है या उसमें सूक्ष्म दरारें होती हैं, तो उसके अंदर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इससे फल के भीतर ‘फर्मेंटेशन’ (किण्वन) की प्रक्रिया शुरू होती है, जिससे गैस और झाग बाहर निकलने लगता है। ऐसा फल सड़ा हुआ माना जाता है और इसका सेवन जानलेवा फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।

जांच का विषय: फल जहरीला है या मिलावट का शिकार?

विशेषज्ञों के अनुसार, असली खतरा तरबूज के भीतर नहीं बल्कि उसे रखने और बेचने के तरीके में छिपा है। सड़क किनारे बिकने वाले पहले से कटे हुए तरबूज ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया के घर बन जाते हैं। तेज धूप में घंटों खुले रहने के कारण इनमें बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं, जिससे उल्टी, दस्त, पेट में ऐंठन और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टरों का मानना है कि मौतों के पीछे फल का प्राकृतिक जहर नहीं, बल्कि संदूषण (Contamination) और साफ-सफाई की भारी कमी जिम्मेदार हो सकती है।

तरबूज खाते समय बरतें ये 5 सावधानियां

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, बस स्वच्छता का ध्यान रखें। सुरक्षित रहने के लिए इन टिप्स को फॉलो करें:

  • कभी भी बाजार में बिकने वाले पहले से कटे हुए तरबूज न खरीदें।

  • तरबूज को काटने से पहले उसकी बाहरी सतह को पानी से अच्छी तरह धोएं।

  • हमेशा साफ चाकू और बोर्ड का इस्तेमाल करें।

  • अगर तरबूज से खट्टी गंध आ रही हो या वह चिपचिपा लगे, तो उसे तुरंत फेंक दें।

  • कटे हुए तरबूज को लंबे समय तक बाहर न छोड़ें, उसे फ्रिज में ही स्टोर करें।

निष्कर्ष: अफवाहों पर न दें ध्यान

तरबूज गर्मियों में हाइड्रेटेड रहने का सबसे अच्छा स्रोत है। विशेषज्ञों ने साफ किया है कि सही तरीके से खरीदा गया और साफ-सफाई से खाया गया फल पूरी तरह सुरक्षित है। वायरल हो रही खबरों से डरने के बजाय जागरूक बनें और केवल ताजे व सही बनावट वाले फल का ही चुनाव करें।

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