लखनऊ | उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में जनहानि और संपत्ति के नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा पीड़ितों को राहत और मुआवजा पहुंचाने की प्रक्रिया में 24 घंटे से अधिक की देरी नहीं होनी चाहिए। योगी ने चेतावनी दी है कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हर 3 घंटे में देनी होगी अपडेट रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों (DMs) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल मौके पर जाकर नुकसान का सर्वे करें। आपदा प्रबंधन में पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है:
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नियमित रिपोर्टिंग: सभी प्रभावित जिलों को हर 3 घंटे में राहत कार्यों, बचाव अभियान और मुआवजे की स्थिति का अपडेट शासन को भेजना होगा।
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सोशल मीडिया पर अपडेट: राहत कार्यों और मुआवजे के वितरण की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सार्वजनिक करनी होगी, ताकि जनता को समय पर सूचना मिल सके।
19 जिलों में कुदरत का कहर: 90 लोगों की गई जान
बुधवार को वेस्ट यूपी के ऊपर बनी चक्रवाती परिस्थितियों और राजस्थान से आई पुरवा हवाओं के मेल से 100 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चली। इस भीषण आपदा का प्रभाव प्रदेश के 19 जिलों में सबसे ज्यादा देखा गया:
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मृतकों का आंकड़ा: आंधी-बारिश और बिजली गिरने से जुड़े हादसों में अब तक प्रदेश भर में 90 लोगों की मौत हो चुकी है।
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प्रभावित क्षेत्र: पूर्वांचल में 32 और प्रयागराज मंडल में 19 मौतों के साथ सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। भदोही (15), मिर्जापुर (9), गोरखपुर (5), और चंदौली (2) जैसे जिले प्रमुख रूप से प्रभावित हैं।
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बुनियादी ढांचा: सैकड़ों पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने से कई शहरों में बिजली आपूर्ति और यातायात घंटों तक ठप रहा।
रेलवे और बिजली आपूर्ति पर असर
तूफान का असर रेल परिचालन पर भी पड़ा। चंदौली में रेल पटरी पर पेड़ गिरने और ओएचई (OHE) तार टूटने के कारण पटना राजधानी समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर फंसी रहीं। देर रात करीब 11:15 बजे कड़ी मशक्कत के बाद परिचालन बहाल किया जा सका।
मुआवजे के लिए तत्काल सर्वे के निर्देश
सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनहानि, पशुहानि और फसल के नुकसान का सर्वे तुरंत पूरा कर संबंधित विभागों के साथ मिलकर मुआवजा राशि जारी की जाए। बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, और उन्नाव जैसे जिलों में प्राथमिकता के आधार पर राहत कार्य चलाए जा रहे हैं।
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