भोलेनाथ को प्रसन्न करने की संपूर्ण पूजन विधि, मंत्र और महत्व; एक क्लिक में जानें सब कुछ

नई दिल्ली: सनातन धर्म में सोमवार का दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है। शिवजी को ‘आशुतोष’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है जो बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। मान्यता है कि सोमवार के दिन विधि-विधान से की गई पूजा से वैवाहिक जीवन के कष्ट दूर होते हैं, मानसिक शांति मिलती है और अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। 6 अप्रैल 2026, सोमवार के इस विशेष अवसर पर यदि आप भी शिव कृपा पाना चाहते हैं, तो यहाँ जानें पूजन की सही और सरल विधि।

सोमवार शिव पूजा का धार्मिक महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवार का कारक ग्रह ‘चंद्रमा’ है और चंद्रमा के अधिष्ठाता देवता स्वयं भगवान शिव हैं।

  • इस दिन पूजा करने से कुंडली में ‘चंद्र दोष’ समाप्त होता है।

  • कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है और विवाहित स्त्रियों का सौभाग्य अखंड रहता है।

  • रोगों से मुक्ति और आर्थिक तंगी दूर करने के लिए सोमवार का व्रत और पूजन अमोघ माना गया है।

शिव पूजन की संपूर्ण विधि: स्टेप-बाय-स्टेप

1. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर संकल्प:

सोमवार को सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और सफेद या हल्के रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। अपने घर के मंदिर में या शिवालय जाकर हाथ में जल लेकर व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें।

2. पंचामृत और जलाभिषेक:

शिवलिंग पर सबसे पहले शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत चढ़ाएं। अंत में गंगाजल की धारा अर्पित करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।

3. प्रिय वस्तुएं अर्पण:

भगवान शिव को सादगी पसंद है। उन्हें नीचे दी गई वस्तुएं भावपूर्वक अर्पित करें:

  • बिल्वपत्र: ध्यान रहे कि बेलपत्र कटा-फटा न हो और उस पर चंदन से राम या ॐ लिखा हो।

  • धतूरा और भांग: यह महादेव को अत्यंत प्रिय है और शत्रुओं पर विजय दिलाता है।

  • सफेद फूल: आक या चांदनी के फूल चढ़ाने से शांति मिलती है।

  • अक्षत और चंदन: बिना टूटे हुए चावल (अक्षत) और सफेद चंदन का तिलक लगाएं।

4. मंत्र जप और पाठ:

अभिषेक के बाद स्थिर चित्त होकर बैठें और महामृत्युंजय मंत्र या शिव चालीसा का पाठ करें।

ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

5. आरती और क्षमा याचना:

पूजा के अंत में धूप-दीप जलाकर शिव जी की आरती करें। आरती के बाद अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा याचना करें और प्रसाद वितरित करें।


शीघ्र फल प्राप्ति के लिए विशेष उपाय

  • मानसिक शांति के लिए: सोमवार को शिवलिंग पर गाय का कच्चा दूध चढ़ाएं।

  • धन प्राप्ति के लिए: शिवलिंग पर गन्ने का रस अर्पित करना शुभ माना जाता है।

  • संतान सुख के लिए: आटे से बने शिवलिंग (पार्थिव शिवलिंग) की पूजा करें।

सावधानी: शिव पूजा में कभी भी केतकी के फूल, तुलसी दल, हल्दी और कुमकुम का प्रयोग न करें। शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद स्वयं ग्रहण न करें, उसे दूसरों में बांट दें या प्रवाहित कर दें।

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