ग्लोबल सेंसेशन बन चुके पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) आज दुनिया भर में नाम, पैसा और शोहरत कमा चुके हैं। उनके कॉन्सर्ट्स में पैर रखने तक की जगह नहीं होती, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर बेहद कड़ा और कूटनीतिक संघर्षों से भरा रहा है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान दिलजीत ने अपने बचपन की घोर गरीबी को याद करते हुए एक बेहद भावुक करने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एक दौर ऐसा भी था जब उनके परिवार के पास बीमार होने पर डॉक्टर को दिखाने तक के पैसे नहीं हुआ करते थे।
‘बीमार मत पड़ो क्योंकि डॉक्टर के पैसे नहीं हैं’
यूट्यूब चैनल ‘Q with Tom Power’ पर बातचीत के दौरान दिलजीत दोसांझ ने अपने बचपन के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि वह एक बेहद साधारण, बिलो-एवरेज (औसत से नीचे) गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे।
दिलजीत ने कहा, “जब मैं छोटा था, तो हमारे घर की स्थिति ऐसी थी कि अगर कोई बीमार पड़ जाए, तो डॉक्टर को दिखाने और इलाज कराने के पैसे नहीं होते थे। हम बस यही दुआ करते थे कि कोई बीमार ही न पड़े क्योंकि जेब खाली थी।” उन्होंने स्वीकार किया कि इसी मुफ़लिसी को देखकर बचपन से ही उनके सिर पर अमीर और फेमस बनने का जुनून सवार हो गया था। वह एक ऐसा इंसान बनना चाहते थे जिसे दुनिया का हर शख्स पहचाने।
जब 5,000 रुपये के ऑफर पर भी दिन-रात काम किया
दिलजीत ने बताया कि साल 2002 में जब उनका पहला म्यूजिक एल्बम आया, तब कड़े संघर्ष के बीच कुछ लोग उनकी कंपनी के पास आए और उन्हें एक बर्थडे पार्टी में परफॉर्म करने के लिए बुक किया। शुरुआत में वह शादियों या जन्मदिन में गाना नहीं चाहते थे, लेकिन पैसों की तंगी और कॉन्ट्रैक्ट की वजह से उन्हें जाना पड़ा।
वहां से मिले पैसों ने दिलजीत की सोच बदल दी। दिलजीत ने कहा, “जब मुझे पहली बार लाइव परफॉर्मेंस के पैसे मिले, तो मुझे समझ आ गया कि सिर्फ गानों की सेल (बिक्री) से गुजारा नहीं हो सकता। उसके बाद पैसा कमाना मेरी लत बन गया। जिसने मुझे 5,000, 10,000 या 15,000 रुपये का भी ऑफर दिया, मैंने कभी किसी को ना नहीं कहा। मैंने दिन-रात हर जगह जाकर परफॉर्म किया।”
जब इंडस्ट्री के लोगों ने नीची नजर से देखा, तो बदला रास्ता
शादियों और निजी कार्यक्रमों में लगातार परफॉर्म करने की वजह से पंजाब म्यूजिक इंडस्ट्री के कुछ कड़े प्रतिस्पर्धी और आर्टिस्ट उन्हें नीची नजर से देखने लगे थे। लोग तंज कसने लगे थे कि दिलजीत सिर्फ शादियों में गाने वाले छोटे कलाकार हैं।
इस आलोचना को दिलजीत ने एक कूटनीतिक चुनौती की तरह लिया। उन्होंने तय किया कि वह खुद को साबित करके रहेंगे। दिलजीत ने तुरंत कड़ा फैसला लेते हुए शादियों में परफॉर्म करना पूरी तरह बंद कर दिया और अपने खुद के टिकटेड कॉन्सर्ट्स (Concerts) की कड़े स्तर पर प्लानिंग शुरू कर दी। इसी फैसले ने उनके करियर का पूरा गेम ही बदल दिया।
‘सब कुछ हासिल कर लिया, पर अब कोई मोल नहीं’
आज दिलजीत दोसांझ की लाइव परफॉर्मेंस ही उनकी कमाई का मुख्य जरिया है और वह दुनिया के सबसे महंगे कड़े कलाकारों में शुमार हैं। हालांकि, जीवन के इस पड़ाव पर आकर उनके विचार पूरी तरह बदल गए हैं। दिलजीत ने बेहद दार्शनिक अंदाज में कहा कि करियर की शुरुआत में उनके लिए पैसा ही सबसे बड़ा मोटिवेशन (प्रेरणा) था, लेकिन आज जब उनके पास सब कुछ है— नाम, बेशुमार दौलत और शोहरत— तो उन्हें अहसास होता है कि इन भौतिक चीजों का असल जिंदगी में कोई मोल नहीं है और अब ये चीजें उनके लिए उतनी अहमियत नहीं रखतीं।
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