
वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मैदान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा और अप्रत्याशित झटका लगा है। दुनिया के शक्तिशाली देशों को एक साथ लाकर एक नया ‘महागठबंधन’ तैयार करने की ट्रंप की योजना फिलहाल खटाई में पड़ती नजर आ रही है। ट्रंप ने विशेष रूप से चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम (UK) जैसे बड़े देशों को इस संभावित गठबंधन का हिस्सा बनने का न्योता दिया था, लेकिन अब तक किसी भी देश ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इन 5 देशों ने ट्रंप के प्रस्ताव से बनाई दूरी
ट्रंप प्रशासन की ओर से पेश किए गए इस रणनीतिक प्रस्ताव पर दुनिया की प्रमुख आर्थिक और सैन्य शक्तियों ने फिलहाल मौन साध लिया है। ट्रंप ने जिन देशों को इस गठबंधन में शामिल होने के लिए कहा है, उनमें एशिया से चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं, तो वहीं यूरोप से फ्रांस और ब्रिटेन को साधने की कोशिश की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन देशों की बेरुखी ट्रंप की विदेश नीति के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है, क्योंकि बिना इन देशों के सहयोग के कोई भी वैश्विक गठबंधन बेअसर साबित होगा।
क्यों साथ नहीं दे रहे मित्र देश?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप के इस प्रस्ताव पर किसी भी देश का साथ न देना उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और पुराने समझौतों पर उनके कड़े रुख का परिणाम हो सकता है। चीन के साथ व्यापारिक तनाव और यूरोपीय देशों के साथ रक्षा बजट को लेकर चल रही खींचतान ने इन देशों के बीच अविश्वास की खाई को गहरा कर दिया है। ब्रिटेन और फ्रांस जैसे पुराने सहयोगी भी अब अमेरिकी प्रस्तावों पर तुरंत मुहर लगाने के बजाय अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय हितों को अधिक महत्व दे रहे हैं।
ट्रंप के रणनीतिक दांव पर दुनिया की नजरें
अब सवाल यह उठता है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप इन देशों को मनाने में कामयाब होंगे या उन्हें अपनी इस योजना को ठंडे बस्ते में डालना पड़ेगा। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश, जो अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर हैं, उन्होंने भी फिलहाल इस मुद्दे पर कोई उत्साह नहीं दिखाया है। अगर यह गठबंधन सफल नहीं होता है, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका की साख और प्रभाव पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। फिलहाल वाशिंगटन से लेकर लंदन और बीजिंग तक, सबकी निगाहें ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया