‘2 मिनट में सब स्वाहा…’: ईरान को ट्रंप की महाविनाश वाली चेतावनी, होर्मुज में युद्धपोतों पर हमले के बाद हड़कंप

वॉशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में तनाव की चिंगारी एक बार फिर शोले में बदल गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी युद्धपोतों और ईरानी सेना के बीच हुई भीषण भिड़ंत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘महाविनाश’ की चेतावनी दी है। ट्रंप ने तल्ख लहजे में कहा है कि ईरान जल्द से जल्द परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करे, वरना उसे ऐसे अंजाम भुगतने होंगे जो उसने कभी सोचे भी नहीं होंगे।

‘सिर्फ 2 मिनट लगे और सब खत्म’: ट्रंप का दावा

होर्मुज की खाड़ी में हुए टकराव पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने महज 2 मिनट के भीतर ईरानी मिसाइलों, ड्रोन्स और नौकाओं को मटियामेट कर दिया। ट्रंप ने कहा, “उन्होंने हमसे पंगा लिया और हमने उन्हें उड़ा दिया। उनके टैंकर नष्ट हो गए और जो लोग वहां (हमले में) मौजूद थे, वे अब इस दुनिया में नहीं हैं।” ट्रंप ने इन हमलों को ‘मामूली’ बताते हुए संदेश दिया कि अगर अमेरिका पूरी ताकत का इस्तेमाल करता, तो ईरान से केवल विनाश की आग और चमक दिखाई देती।

होर्मुज में जोरदार धमाके, युद्ध जैसे हालात

गुरुवार रात ईरान के रणनीतिक बंदरगाह ‘बंदर अब्बास’ और ‘बहमन केशम पियर’ के पास भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी बलों और एक ‘अज्ञात दुश्मन’ के बीच सीधी गोलीबारी हुई है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने कुछ अन्य देशों के साथ मिलकर उसकी सरजमीं पर हमला किया और सीजफायर का उल्लंघन किया है। ईरान का दावा है कि उसकी जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा है।

अमेरिका की सफाई: ‘आत्मरक्षा में किया प्रहार’

दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शांतिपूर्ण तरीके से ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तभी ईरानी बलों ने उन पर बिना किसी उकसावे के हमला कर दिया। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि बंदर अब्बास और केशम में की गई स्ट्राइक पूरी तरह से ‘आत्मरक्षा’ में की गई कार्रवाई थी और अमेरिकी बलों ने ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया।

‘परमाणु समझौते पर साइन करो या तबाही के लिए तैयार रहो’

युद्ध के इन आहटों के बीच ट्रंप ने परमाणु समझौते की मेज बिछा दी है। उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है और ईरान इस समझौते के लिए अमेरिका से ज्यादा बेताब है। ट्रंप ने दो टूक कहा, “अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। उनके लिए यही बेहतर है कि वे जल्दी साइन कर दें, वरना भविष्य में उन्हें बहुत ज्यादा दर्द सहना होगा।”

क्या अब भी कायम है संघर्ष विराम?

हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी भीषण गोलीबारी और धमाकों के बावजूद ट्रंप का दावा है कि अमेरिका-ईरान के बीच ‘संघर्ष विराम’ (Ceasefire) अभी भी प्रभावी है। उन्होंने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई केवल एक चेतावनी थी। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्ते पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरे के बादल मंडरा दिए हैं।

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