ममता के ‘दाहिने हाथ’ से लेकर बंगाल के अगले CM की रेस तक: कौन हैं शुभेंदु अधिकारी, जिन्होंने ढहा दिया टीएमसी का किला?

West Bengal Results 2026: पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने इस बार पूरे देश को चौंका दिया है। दोपहर के रुझानों के अनुसार, भाजपा 190 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर पहली बार बंगाल की सत्ता पर काबिज होने जा रही है। इस ऐतिहासिक जीत के महानायक के रूप में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे ऊपर उभर कर सामने आया है। कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार रहे शुभेंदु अब बंगाल के अगले मुख्यमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे हैं।


नंदीग्राम आंदोलन के नायक से ‘ममता के काल’ तक

शुभेंदु अधिकारी का सियासी सफर बेहद दिलचस्प रहा है। उन्होंने न केवल ममता बनर्जी को सत्ता के शिखर तक पहुँचाने में मदद की, बल्कि अब उन्हें सत्ता से बाहर करने में भी मुख्य भूमिका निभाई है।

  • सियासी विरासत: शुभेंदु एक दिग्गज राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु अधिकारी बंगाल की राजनीति के बड़े नाम रहे हैं।

  • नंदीग्राम आंदोलन (2007): ममता बनर्जी को बंगाल की सत्ता दिलाने वाले ऐतिहासिक नंदीग्राम आंदोलन के पीछे शुभेंदु अधिकारी का ही दिमाग और मेहनत थी। इसी आंदोलन ने बुद्धदेव भट्टाचार्य की वामपंथी सरकार की जड़ें हिला दी थीं।

  • 2021 का ‘जायंट किलर’ रूप: भाजपा में शामिल होने के बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने ममता बनर्जी को उन्हीं के गढ़ नंदीग्राम में 1,956 वोटों से हराकर ‘जायंट किलर’ का खिताब हासिल किया था।


अमित शाह के ‘भरोसेमंद’ और बंगाल में भाजपा का चेहरा

2020 में भाजपा में शामिल होने के बाद से ही शुभेंदु अधिकारी को केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर अमित शाह का भरपूर समर्थन मिला।

  • निजी जुड़ाव: शुभेंदु ने एक रैली में बताया था कि जब वे कोविड संक्रमित थे, तब टीएमसी के किसी नेता ने उनकी सुध नहीं ली, लेकिन अमित शाह ने दो बार फोन कर उनका हाल जाना। यही वह समय था जब शुभेंदु और अमित शाह के बीच भरोसा और गहरा हुआ।

  • ममता को सीधी चुनौती: इस चुनाव में शुभेंदु ने न केवल अपनी पारंपरिक सीट नंदीग्राम संभाली, बल्कि भवानीपुर में भी ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर दी। उनकी इसी आक्रामकता ने बंगाल के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा।


क्या शुभेंदु अधिकारी बनेंगे पहले भाजपाई मुख्यमंत्री?

बंगाल में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर टिकी हैं। रेस में कई बड़े नाम शामिल हैं:

संभावित नाम पद/पहचान प्रभाव
शुभेंदु अधिकारी नेता विपक्ष सबसे प्रबल दावेदार, हिंदुत्व और विकास का चेहरा।
दिलीप घोष पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संगठन पर मजबूत पकड़ और पुराने वफादार।
सुकांत मजूमदार प्रदेश अध्यक्ष/केंद्रीय मंत्री शांत स्वभाव और केंद्रीय नेतृत्व की पसंद।
लॉकेट चटर्जी फायरब्रांड नेत्री महिला वोटर्स के बीच लोकप्रिय चेहरा।

एक्सपर्ट व्यू: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी के भीतर सेंध लगाई और ममता बनर्जी के गढ़ों को ढहाया है, केंद्रीय नेतृत्व उन्हें ही बंगाल की कमान सौंप सकता है।

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