Defense Update: दक्षिण एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने पाकिस्तान की सैन्य ताकत को और अधिक धार देने का फैसला किया है। भारत की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए, अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों के रडार सिस्टम को अत्याधुनिक बनाने के लिए एक बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी है। इस अपग्रेड के बाद पाकिस्तान के F-16 विमानों की मारक क्षमता और दुश्मन के विमानों को खोजने (Detection) की शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी।
क्या है 488 मिलियन डॉलर का यह रक्षा सौदा?
अमेरिकी रक्षा दिग्गज नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन सिस्टम्स कॉर्प (Northrop Grumman Systems Corp) को 488 मिलियन डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपये) का ठेका दिया गया है।
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उद्देश्य: पाकिस्तान के 75 से 85 तक F-16 विमानों के पुराने रडार सिस्टम को बदलकर उनमें अत्याधुनिक तकनीक फिट करना।
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समय सीमा: इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2036 रखी गई है।
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प्रक्रिया: यह कार्य अमेरिकी वायु सेना के ‘फॉरेन मिलिट्री सेल्स प्रोग्राम’ के जरिए संपन्न होगा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बदला समीकरण?
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध बेहद तल्ख हैं। हाल ही में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया था, जिसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों और उनके हवाई ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए थे।
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को दी जा रही यह मदद एक ‘कूटनीतिक इनाम’ हो सकती है। दरअसल, पाकिस्तान वर्तमान में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही महत्वपूर्ण शांति वार्ता की मेजबानी कर रहा है। माना जा रहा है कि इस मध्यस्थता के बदले अमेरिका ने पाकिस्तान की वायुसेना को यह ‘सैन्य उपहार’ दिया है।
भारत के लिए क्यों है यह ‘खतरे की घंटी’?
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स्कवाड्रन की कमी: भारतीय वायुसेना (IAF) वर्तमान में केवल 29 स्क्वाड्रन के साथ काम कर रही है, जबकि चीन और पाकिस्तान की संयुक्त चुनौती से निपटने के लिए भारत को कम से कम 42 स्क्वाड्रन की जरूरत है।
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दुरुपयोग का इतिहास: भारत हमेशा से कहता रहा है कि पाकिस्तान को दी जाने वाली अमेरिकी सैन्य मदद का इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ किया जाता है। 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान ने F-16 विमानों का इस्तेमाल भारतीय सीमा में घुसपैठ के लिए किया था।
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लगातार मिल रही मदद: यह पहली बार नहीं है। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी अमेरिका ने पाकिस्तान के F-16 रखरखाव के लिए 686 मिलियन डॉलर के पैकेज की घोषणा की थी।
पाकिस्तान के साथ ये देश भी होंगे लाभान्वित
हालांकि इस सौदे की मुख्य चर्चा पाकिस्तान को लेकर है, लेकिन अप्रैल 2026 के इस अनुबंध में कई अन्य देश भी शामिल हैं। पाकिस्तान के अलावा बहरीन, मिस्र, इंडोनेशिया, इराक, इजरायल, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ओमान, पोलैंड और तुर्की के F-16 बेड़े के रडार सिस्टम को भी इस प्रोग्राम के तहत अपग्रेड किया जाएगा।
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