नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच भारत ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के सशर्त युद्धविराम (Conditional Ceasefire) का पुरजोर स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से ही संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांति का पक्षधर रहा है। भारत ने न केवल ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर अपना स्टैंड साफ किया, बल्कि ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर भी अहम जानकारी दी।
शांति और कूटनीति पर भारत का रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा:
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स्थायी शांति की उम्मीद: भारत इस युद्धविराम को पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की बहाली की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानता है।
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संवाद आवश्यक: भारत का मानना है कि इस संघर्ष ने पहले ही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुँचाया है। इसे केवल कूटनीति से ही समाप्त किया जा सकता है।
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वैश्विक प्रभाव: भारत को उम्मीद है कि इस सकारात्मक विकास का असर यूक्रेन संघर्ष पर भी पड़ेगा और वहां भी शांति प्रयासों को बल मिलेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य: “निर्बाध आवागमन हमारी प्राथमिकता”
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार का केंद्र है, जहाँ से दुनिया का लगभग 20% तेल और LNG गुजरता है। इस पर भारत ने कड़ा संदेश दिया है:
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सुरक्षित व्यापार: भारत ने मांग की है कि होर्मुज से जहाजों का आवागमन बिना किसी रोकटोक के सुचारू रहना चाहिए।
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भारतीय जहाजों की सुरक्षा: भारत लगातार ईरान और अन्य हितधारकों के संपर्क में है। अब तक कई भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस जलमार्ग को पार कर चुके हैं।
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टोल टैक्स पर सफाई: प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ईरान द्वारा होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी प्रकार के शुल्क (Fee) वसूलने को लेकर भारत से कोई चर्चा नहीं हुई है।
ईरान में फंसे भारतीयों के लिए ‘नई एडवाइजरी’
ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है:
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वर्तमान संख्या: अभी भी ईरान में लगभग 7,500 भारतीय मौजूद हैं।
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निकासी अभियान: तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है। अब तक 1,864 भारतीय (935 छात्र और 472 मछुआरे) आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकल चुके हैं।
युद्धविराम की पृष्ठभूमि: ट्रंप और ईरान का समझौता
यह युद्धविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद संभव हुआ है:
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ट्रंप की शर्त: अमेरिका दो सप्ताह के लिए बमबारी रोकने को तैयार है, यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की सहमति दे। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने अपने सैन्य उद्देश्य पूरे कर लिए हैं।
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ईरान का जवाब: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यदि हमले रुकते हैं, तो ईरानी सेना रक्षात्मक अभियान बंद कर देगी। हालांकि, होर्मुज से आवाजाही ईरानी सैन्य पर्यवेक्षण (Supervision) के तहत ही होगी।
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