खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी अमेरिका-ईरान जंग की चपेट में अब भारतीय नागरिक भी आ गए हैं। मंगलवार तड़के होर्मुज के दक्षिणी छोर पर स्थित ओमानी समुद्री क्षेत्र में ईरान द्वारा किए गए एक भीषण मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। इस घटना के बाद खाड़ी में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो तेल टैंकरों पर दागीं क्रूज मिसाइलें, भारतीय हताहत
आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के झंडे वाले दो कमर्शियल तेल टैंकरों को अपना निशाना बनाया।
हमले की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
-
लक्षित जहाज: ईरान ने ‘मोंबासा’ और ‘बाहिया’ नाम के दो बड़े टैंकर शिप्स पर क्रूज मिसाइलों (Cruise Missiles) से हमला किया।
-
नुकसान: मिसाइलें टकराते ही दोनों जहाजों में भीषण आग लग गई और भारी नुकसान हुआ है।
-
हताहतों की संख्या: इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की जान चली गई। कुल 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 6 भारतीय नागरिक और 2 यूक्रेन के नागरिक शामिल हैं।
इस कायराना हमले पर सख्त रुख अपनाते हुए यूएई (UAE) सरकार ने ईरान की कड़ी निंदा की है। यूएई ने चेतावनी दी है कि वह अपनी आत्मरक्षा के लिए ईरान को माकूल जवाब देगा।
जवाबी कार्रवाई: अमेरिका ने बंदर अब्बास सहित 140 ठिकानों को दहलाया
भारतीयों को निशाना बनाए जाने और यूएई के जहाजों पर हमले के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के प्रमुख तटीय और रणनीतिक शहरों पर बमबारी की:
-
बंदर अब्बास और केश्म द्वीप: अमेरिका ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण नौसैनिक और व्यापारिक केंद्र बंदर अब्बास (Bandar Abbas) और केश्म द्वीप पर भारी बम बरसाए हैं।
-
140 सैन्य ठिकाने तबाह: अमेरिकी रक्षा मुख्यालय के अनुसार, रविवार से लेकर अब तक ईरान के लगभग 140 से अधिक सैन्य और रडार ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है।
-
पेट्रोलियम हब पर हमला: ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के प्रमुख पेट्रोलियम उद्योग केंद्र खुजेस्तान प्रांत, अहवाज, अंदीमेश्क और फारुर द्वीप पर भी भीषण एयरस्ट्राइक की हैं।
ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी बेसों को बनाया निशाना
दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिकी हमलों को स्वीकार करते हुए अपनी कार्रवाई का बचाव किया है। ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि वे केवल गलत रूट से जाने वाले और दुश्मन देश अमेरिका के जहाजों को रोक रहे हैं। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों—कुवैत, कतर और यूएई में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों (US Military Bases) पर भी मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग
होर्मुज जलमार्ग में युद्ध पूरी तरह भड़कने और दोनों ओर से हो रही भारी बमबारी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) और एलएनजी (LNG) की कीमतों में एक बार फिर रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया गया है।
इस बीच रक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यह युद्ध इसी रफ्तार से जारी रहा, तो अमेरिकी सेना के प्रमुख आधुनिक हथियारों और मिसाइलों के भंडार (Ammunition Stock) में भारी कमी आ सकती है। इससे दुनिया के अन्य हिस्सों में भविष्य में होने वाले किसी भी संभावित संघर्ष से निपटने की अमेरिकी क्षमता पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया