ईरान-इजरायल तनाव: ईरान ने सैन्य अभियान रोकने का किया ऐलान, साथ ही दी गंभीर चेतावनी- ‘दोबारा हिमाकत की तो अंजाम होगा बुरा’

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में कई दिनों से जारी भीषण रॉकेट और मिसाइल हमलों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। ईरान ने इजरायल के खिलाफ चलाए जा रहे अपने सैन्य अभियान को तत्काल प्रभाव से समाप्त (स्थगित) करने की बड़ी घोषणा कर दी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय बाद सीधे तौर पर हुए मिसाइल हमलों के आदान-प्रदान के बाद ईरानी सशस्त्र बलों ने यह बड़ा फैसला लिया है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध का अंत नहीं, बल्कि बड़े तूफान से पहले की शांति भी हो सकती है, क्योंकि ईरान ने अभियान रोकने के साथ ही इजरायल को बेहद तल्ख लहजे में खुली चेतावनी भी जारी की है।

ईरान का बड़ा बयान: ‘लेबनान पर आक्रामकता रुकी नहीं, तो करेंगे और भीषण पलटवार’

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ (Fars News Agency) ने देश की सेना के खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय का आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि इजरायल के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान तुरंत प्रभाव से रोका जा रहा है।

लेकिन, इसके साथ ही ईरान ने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “क्रूर जायोनी शासन (इजरायल) द्वारा अमेरिका के समर्थन से दक्षिणी लेबनान और दहिए क्षेत्र पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। यदि दक्षिणी लेबनान समेत अन्य क्षेत्रों में इजरायली आक्रामकता और क्रूरता जारी रही, तो ईरान पहले से कहीं अधिक कठोर, विनाशकारी और निर्णायक जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।” फिलहाल इजरायल ने ईरान की इस घोषणा पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दोनों तरफ से बरसी थीं मिसाइलें: पेट्रोकेमिकल परिसर और एयरबेस हुए थे तबाह

इस सीधे सैन्य टकराव की शुरुआत रविवार रात को हुई थी, जब इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर भीषण हमला किया था। इस हमले के जवाब में:

  • ईरान का हमला: ईरान ने इजरायल के कई रिहायशी और सैन्य इलाकों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर’ (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने हाइफा शहर में इजरायली सुविधाओं और दो प्रमुख सैन्य हवाई अड्डों (Airbases) को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।

  • इजरायल का पलटवार: जवाब में इजरायली वायुसेना ने ईरान के भीतर घुसकर महशहर स्थित उसके विशाल पेट्रोकेमिकल परिसर और बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण से जुड़े कई संवेदनशील सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी की।

डोनाल्ड ट्रंप की अपील दरकिनार, इजरायल लंबी जंग के लिए तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से सीधे बातचीत कर तनाव को और न बढ़ाने तथा जवाबी कार्रवाई रोकने की सलाह दी थी। साथ ही ट्रंप ने दोनों पक्षों से तुरंत युद्धविराम (Ceasefire) की मांग की थी। हालांकि, इजरायल ने इस अपील को दरकिनार करते हुए हमले जारी रखे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने साफ किया कि उनका देश ईरान के खिलाफ कई कड़े विकल्पों पर काम कर रहा है, और यह सैन्य अभियान कुछ दिनों से लेकर ‘जितना भी समय लगे’ तब तक चल सकता है।

ईरान ने अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार, हूतियों ने भी खोला मोर्चा

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका को घेरते हुए कहा कि लेबनान में इजरायल की कार्रवाई कूटनीतिक और शांति प्रयासों को जानबूझकर बाधित करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने दोटूक कहा कि जायोनी शासन द्वारा ईरान के खिलाफ की जाने वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए सीधे तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) जिम्मेदार होगा।

दूसरी ओर, ईरान के समर्थन में यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल पर मिसाइल हमले की घोषणा कर दी है और लाल सागर (Red Sea) में इजरायली जहाजों के एंट्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया है, जिससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

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