प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। पीएम मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का सबसे बड़ा रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। अपने पूरी तरह से निर्बाध कार्यकाल (बिना किसी रुकावट के लगातार सेवा) के साथ पीएम मोदी अब भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले पहले ‘निर्वाचित’ प्रधानमंत्री बन गए हैं।
प्रधानमंत्री के तौर पर देश की कमान संभालते हुए लगातार 4,399 दिन पूरे करने की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर भारत के साथ-साथ दुनिया भर के दिग्गज ग्लोबल लीडर्स ने उन्हें बधाई दी है। अमेरिका से लेकर यूरोप, एशिया और मालदीव तक के राष्ट्राध्यक्षों ने पीएम मोदी के मजबूत नेतृत्व, विजन और जनसेवा की जमकर सराहना की है।
जॉर्जिया मेलोनी ने दी बधाई, कहा- ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का नया दौर
पीएम मोदी की इस बड़ी वैश्विक कामयाबी पर इटली की खूबसूरत प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद गर्मजोशी से बधाई संदेश भेजा है। मेलोनी ने अपने संदेश में लिखा:
“नरेंद्र मोदी को बहुत-बहुत बधाई, जो भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। हाल के हफ्तों में रोम में हमारी मुलाकात होना और साथ मिलकर एक ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ (विशेष रणनीतिक साझेदारी) की शुरुआत करना बेहद खुशी की बात है। यह साझेदारी हमारे देशों और दोनों देशों के लोगों के लिए नए अवसरों का निर्माण करने के उद्देश्य से भविष्य की ओर देखती है।”
अमेरिका ने बताया ‘बदलाव लाने वाला कार्यकाल’, गूंजी 25 करोड़ लोगों की तारीफ
विश्व महाशक्ति अमेरिका के नेताओं ने भी इस मौके पर पीएम मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस मुकाम को पीएम मोदी के देश के प्रति अटूट समर्पण का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा, “यह असाधारण उपलब्धि उनके दशकों के समर्पित सार्वजनिक जीवन और दमदार नेतृत्व का एक शक्तिशाली प्रमाण है।”
वहीं, अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन ने पीएम मोदी के कार्यकाल को पूरी तरह से ‘बदलाव लाने वाला’ (Transformational) करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “लगातार 4,399 दिनों के बेमिसाल नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई। यह ऐतिहासिक मुकाम तीन बड़े लोकतांत्रिक जनादेशों के जरिए भारत के 1.4 अरब (140 करोड़) लोगों के भरोसे से हासिल हुआ है।” कॉर्निन ने आगे जोड़ा, “25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाने तक, पीएम मोदी का कार्यकाल क्रांतिकारी रहा है। आज अमेरिका-भारत की साझेदारी इतिहास में सबसे मजबूत स्थिति में है।”
भूटान और मलेशिया के प्रधानमंत्रियों ने बताया ‘सच्चा मार्गदर्शक’
भारत के बेहद करीबी पड़ोसी देश भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे ने तो पीएम मोदी के नाम एक बेहद भावुक और लंबा पत्र लिखा है। उन्होंने इसे ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए लिखा— ‘मेरे दोस्त, मेरे भाई, मेरे मार्गदर्शक- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए।’ अपने पत्र में भूटान के पीएम ने लिखा कि नेतृत्व का मतलब सिर्फ ऊंचे पद पर बैठना नहीं, बल्कि जनता के प्रति प्रतिबद्धता और अनुशासन है, जिसकी मिसाल खुद मोदी हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को बहुत ऊंचा किया है और वह ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की एक बुलंद आवाज बनकर उभरे हैं।
इसके साथ ही मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी बधाई देते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारत का रुतबा बढ़ाने में यह उपलब्धि पीएम मोदी के समर्पित सार्वजनिक जीवन को दर्शाती है। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
मालदीव और श्रीलंका के राष्ट्रपतियों ने भी भेजे खास संदेश
पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों में आई नई गर्माहट के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि श्रीलंका भारत के साथ अपनी करीबी साझेदारी को सर्वोच्च महत्व देता है। वहीं, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भी बधाई संदेश में लिखा, “भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर महामहिम नरेंद्र मोदी को बधाई। मालदीव आपसी सम्मान, संप्रभु समानता और साझा हितों के आधार पर भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए तैयार है।”
साउथ कोरिया, इथियोपिया और मंगोलिया भी मोदी मुरीद
-
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने खास तौर पर इंग्लिश और हिंदी दोनों भाषाओं में ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने कोरिया-भारत विशेष रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने तथा विकास और इनोवेशन से भरे भविष्य के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
-
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने पीएम मोदी को अपना ‘बड़ा भाई’ बताते हुए कहा कि उनके शासनकाल में भारत में अभूतपूर्व डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और विकास हुआ है, जिससे लाखों लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।
-
मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागीन खुरेलसुख ने पीएम मोदी को मंगोलिया के लोगों का बहुत अच्छा दोस्त बताते हुए इस उपलब्धि को आधुनिक भारत के इतिहास का एक बेहद खास दिन बताया।
नेहरू और इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड का पूरा गणित समझिए
दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के ‘निर्वाचित प्रधानमंत्री’ के रूप में लगातार 4,399 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
रिकॉर्ड का असल गणित: जवाहरलाल नेहरू साल 1947 से 1952 तक एक अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में पद पर थे, क्योंकि तब तक देश में पहले आम चुनाव नहीं हुए थे। 1952 के पहले आम चुनाव के बाद निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 4,399 दिनों का था, जिसे पीएम मोदी ने पार कर लिया है।
अगर कुल कार्यकाल (बिना लगातार के) की बात करें, तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का कार्यकाल लगभग 14 वर्ष का था जो मोदी के मौजूदा कार्यकाल से अधिक है, लेकिन इंदिरा गांधी का प्रधानमंत्री पद पर कार्यकाल निर्बाध (लगातार) नहीं था, बीच में उनकी सत्ता चली गई थी। भारी बहुमत के साथ 26 मई 2014 को पहली बार शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी ने 2019 में दोबारा और फिर 9 जून 2024 को तीसरी बार पीएम पद की कमान संभालकर बिना किसी रुकावट के लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने का यह अद्भुत रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया