नई दिल्ली: बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि बादाम और अखरोट को रात भर भिगोकर ही खाना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से इनकी तासीर ठंडी होती है और पोषक तत्व बढ़ जाते हैं। लेकिन हाल ही में ‘योर फूड लैब’ के शेफ संजोत कीर और विज्ञान को सरल भाषा में समझाने वाले कृष अशोक के बीच हुई बातचीत ने इस पुरानी धारणा को चुनौती दी है। उनके अनुसार, हर किसी के लिए नट्स भिगोकर खाना जरूरी नहीं है और कुछ मामलों में यह इनके फायदों को कम भी कर सकता है।
अखरोट: भिगोने से बेहतर है ‘फ्रीजर’ में रखना
शेफ संजोत कीर ने कैलिफोर्निया के अखरोट वैज्ञानिकों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अखरोट को भिगोना हमेशा फायदेमंद नहीं होता।
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पोषक तत्वों का नुकसान: वैज्ञानिकों का मानना है कि अखरोट को भिगोने से उसके कुछ जरूरी न्यूट्रिएंट्स पानी में मिल जाते हैं, जिससे अखरोट की असल ताकत कम हो सकती है।
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स्टोर करने का सही तरीका: अखरोट में नमी (Moisture) नहीं बल्कि तेल होता है। इसलिए इसे स्टोर करने का सबसे अच्छा तरीका इसे फ्रीजर में रखना है। तेल होने के कारण यह जमता नहीं है और खराब होने या कड़वा होने से बचा रहता है। जब खाना हो, बस निकालें और खा लें।
बादाम: किसे भिगोना चाहिए और किसे नहीं?
बादाम को भिगोने के पीछे अक्सर ‘एंटी-न्यूट्रीएंट्स’ (Anti-nutrients) हटाने का तर्क दिया जाता है, लेकिन कृष अशोक ने इसके वैज्ञानिक पहलू को साफ किया:
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जवान और स्वस्थ लोग: यदि आपको पाचन की समस्या नहीं है, तो कच्चे बादाम (बिना भिगोए) खाना सबसे अच्छा है। इसमें मौजूद सभी पोषक तत्व शरीर को पूरी तरह मिलते हैं।
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बुजुर्ग और कमजोर पाचन वाले: बादाम का छिलका कुछ लोगों के लिए पचाना मुश्किल होता है। ऐसे में भिगोकर और छिलका उतारकर खाना उनके लिए बेहतर है। साथ ही, दांतों की समस्या वाले बुजुर्गों के लिए भीगे हुए बादाम खाना आसान होता है।
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दाल और नट्स में अंतर: दालों को भिगोना जरूरी है क्योंकि उनमें एंटी-न्यूट्रीएंट्स ज्यादा होते हैं। लेकिन बादाम और अखरोट जैसे ‘हाई फैट’ और ‘लो मॉइश्चर’ वाले नट्स में यह प्रक्रिया उतनी जरूरी नहीं है।
नट्स खाने के लिए जरूरी टिप्स
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ज्यादा न भिगोएं: अगर आप बादाम भिगो भी रहे हैं, तो इसे बहुत ज्यादा समय तक पानी में न छोड़ें, वरना इसके असल पोषक तत्व कम हो सकते हैं।
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स्किन के साथ खाएं: अगर आपका पाचन तंत्र मजबूत है, तो बादाम को उसकी स्किन (छिलके) के साथ ही खाएं, क्योंकि छिलके में भी फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।
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ताजगी का ध्यान: नट्स को हमेशा ठंडी और सूखी जगह पर रखें ताकि उनका तेल खराब (Rancid) न हो और वे लंबे समय तक ताजे बने रहें।
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