IFFD 2026: इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे मनोज बाजपेयी, ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ पर तोड़ी चुप्पी; बोले- ’32 साल की मेहनत का दाम मिलना चाहिए’

नई दिल्ली: देश की राजधानी में आयोजित ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली 2026’ (IFFD) इन दिनों फिल्मी सितारों और सिनेमा प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 25 मार्च से शुरू हुए इस सात दिवसीय महोत्सव में शुक्रवार को बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी शिरकत करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के एक बेहद गंभीर और समसामयिक मुद्दे ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकार) पर बेबाकी से अपनी राय रखी। मनोज बाजपेयी ने स्पष्ट किया कि एक कलाकार की पहचान उसकी बरसों की तपस्या का परिणाम है, जिसे व्यावसायिक लाभ के लिए मुफ्त में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

“पहचान बनाने में लगते हैं साल, इस्तेमाल का मिलना चाहिए हक”

रेड कार्पेट पर मीडिया से बातचीत करते हुए मनोज बाजपेयी ने पर्सनैलिटी राइट्स के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “मैं पिछले 32 सालों से इस इंडस्ट्री में काम कर रहा हूं। इस लंबे सफर में मैंने जो पहचान और साख बनाई है, वह मेरी अपनी संपत्ति है। अगर कोई मेरी तस्वीर, आवाज या मेरी पहचान से जुड़ी किसी भी चीज का व्यावसायिक इस्तेमाल करता है, तो उसे इसके बदले भुगतान करना ही होगा। यह कलाकार का कानूनी और नैतिक अधिकार है।” उनका यह बयान उन एआई (AI) और डीपफेक तकनीक के दौर में आया है, जहां कलाकारों की पहचान का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है।

31 मार्च तक दिल्ली में सिनेमा का मेला

बता दें कि आईपीयू (IPU) में आयोजित हो रहा यह इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 31 मार्च 2026 तक चलेगा। मनोज बाजपेयी ने जानकारी दी कि वह इस फेस्टिवल में एक विशेष ‘इन-कन्वर्सेशन’ सेशन का हिस्सा बनेंगे, जहां वे अपनी अभिनय यात्रा और सिनेमा के बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इस फेस्टिवल का उद्देश्य वैश्विक सिनेमा को दिल्ली के दर्शकों तक पहुंचाना और फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद स्थापित करना है।

पर्सनैलिटी राइट्स क्या हैं और क्यों जरूरी हैं?

हाल के दिनों में अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर और दक्षिण भारतीय सुपरस्टार मोहनलाल जैसे सितारों ने अपने ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कानूनन इसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी मशहूर हस्ती के नाम, आवाज, हस्ताक्षर या फोटो का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किसी विज्ञापन या व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं कर सकता। मनोज बाजपेयी ने इसी कड़ी में अपनी आवाज बुलंद कर कलाकारों के अधिकारों की वकालत की है।

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