Mission UP 2027: मुरादाबाद में गरजे असदुद्दीन ओवैसी; सपा के गढ़ में ‘मुस्लिम कार्ड’ से अखिलेश यादव की बढ़ाईं मुश्किलें

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी क्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार शाम मुरादाबाद के ऐतिहासिक जामा मस्जिद पार्क मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।

सपा के परंपरागत गढ़ माने जाने वाले रुहेलखंड (मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा) में ओवैसी की इस रैली ने राज्य के सियासी पारे को चढ़ा दिया है। घनी मुस्लिम आबादी वाले इस क्षेत्र में ओवैसी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर दिखावे की राजनीति करने का आरोप लगाया और मुस्लिम समुदाय से अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने की अपील की।

सपा और आज़म खान के मुद्दे पर घेराबंदी

ओवैसी की इस जनसभा का मुख्य केंद्र रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश और पूर्व मंत्री मोहम्मद आज़म खान का मुद्दा रहा:

  • जौहर यूनिवर्सिटी पर सपा पर तंज: ओवैसी ने आरोप लगाया कि जब जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान के परिवार पर कार्रवाई हो रही थी, तब समाजवादी पार्टी केवल मूकदर्शक बनी रही। अब जब चुनाव नजदीक हैं, तो सपा सांसद दिखावे के लिए रामपुर प्रतिनिधिमंडल भेज रहे हैं।

  • शिक्षा और भविष्य पर हमला: ओवैसी ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक इमारत नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज की उच्च शिक्षा का केंद्र है, जिस पर हमला कर युवाओं के भविष्य को खतरे में डाला जा रहा है।

‘किरायेदार नहीं, हिस्सेदार बनो’ – 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड क्षेत्र में अपने आधार को मजबूत करते हुए AIMIM ने आगामी 2027 विधानसभा चुनावों में राज्य की 200 से अधिक सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है।

  • राजनीतिक नेतृत्व की मांग: ओवैसी ने कहा कि यादव, दलित, जाट और अन्य वर्गों के अपने राजनीतिक नेता हैं, लेकिन मुस्लिम समाज को हमेशा केवल ‘वोट बैंक’ की तरह इस्तेमाल किया गया। अब समय आ गया है कि मुस्लिम समाज दूसरों के पीछे चलने के बजाय अपना खुद का नेतृत्व तैयार करे।

  • मंच पर शामिल हुए बड़े चेहरे: जनसभा के दौरान मुरादाबाद और आसपास के जिलों के कई स्थानीय मुस्लिम नेताओं व अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने AIMIM की सदस्यता ग्रहण की।

अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले के लिए बड़ी चुनौती

हाल ही में कुंदरकी, संभल और अगवानपुर जैसे नगर निकायों में जीत हासिल कर AIMIM ने क्षेत्र में अपनी मजबूत धमक का अहसास कराया था। मुरादाबाद मंडल में ओवैसी की इस उग्र घेराबंदी ने समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के कोर मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी का खतरा बढ़ा दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ओवैसी मुस्लिम बहुल सीटों पर अपने मजबूत प्रत्याशी उतारते हैं, तो इसका सीधा नुकसान सपा-कांग्रेस गठबंधन को हो सकता है और 2027 के चुनाव में इसका सीधा फायदा भाजपा को मिल सकता है।

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