सुशासन को नई मजबूती: 3 जुलाई को सीएम योगी करेंगे प्रशासनिक अकादमी के 464 करोड़ के भव्य परिसर का लोकार्पण

उत्तर प्रदेश में नौकरशाही की कार्यक्षमता बढ़ाने और सुशासन (Good Governance) को धरातल पर अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को ‘डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी’ (UPAM) के अत्याधुनिक और भव्य नए परिसर का आधिकारिक लोकार्पण करेंगे। यह नया परिसर प्रदेश के आईएएस (IAS), पीसीएस (PCS) समेत अन्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के आधुनिक प्रशिक्षण का सबसे बड़ा कड़ा केंद्र बनेगा।

464 करोड़ की लागत और 22 एकड़ में फैला वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर

लखनऊ के सुलतानपुर रोड पर स्थित अकादमी का यह नया परिसर वैश्विक मानकों और आधुनिक प्रशासनिक कूटनीति की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:

  • लागत और क्षेत्रफल: यह अत्याधुनिक परिसर करीब 464 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 22 एकड़ के विशाल क्षेत्रफल में विकसित किया गया है।

  • अत्याधुनिक सुविधाएं: परिसर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण (Training) कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आधुनिक डिजिटल शिक्षण संसाधन, उन्नत ज्ञान सुविधाएं, स्मार्ट क्लासरूम और तकनीक-सक्षम शिक्षण प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही यहां विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

  • कर्मयोगी प्लेटफार्म: इस नए परिसर के शुरू होने से केंद्र व राज्य सरकार के ‘कर्मयोगी प्लेटफार्म’ पर ऑनबोर्डिंग और डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन को जबरदस्त गति मिलेगी।

अधिकारियों को मिलेगा डिजिटल गवर्नेंस और लीडरशिप का कड़ा प्रशिक्षण

अकादमी के इस नए केंद्र में उत्तर प्रदेश के अधिकारियों व कर्मचारियों को समकालीन और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण विषयों पर कड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • सुशासन (Good Governance) और प्रभावी नीति क्रियान्वयन (Policy Implementation)

  • नेतृत्व विकास (Leadership Development) और नवाचार (Innovation)

  • डिजिटल प्रशासन, ई-गवर्नेंस (E-Governance) और डेटा मैनेजमेंट

  • नागरिक-केंद्रित जनसेवा (Citizen-Centric Services) और जनता के प्रति संवेदनशीलता

इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करना और लोकसेवा की गुणवत्ता को पहले से कई गुना बेहतर बनाना है।

भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार होगा दक्ष नेतृत्व

अकादमी के महानिदेशक (DG) एम. देवराज ने इस कड़े प्रोजेक्ट की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आधुनिक संसाधनों और वैश्विक मानकों से सुसज्जित यह नया परिसर प्रदेश में प्रशासनिक प्रशिक्षण के स्तर को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। यह संस्थान सुरक्षित, हरित (Green) और सुव्यवस्थित वातावरण में भविष्य की प्रशासनिक चुनौतियों और जरूरतों के अनुरूप एक संवेदनशील, दक्ष और जनसेवा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध प्रशासनिक नेतृत्व तैयार करने में देश में मील का पत्थर साबित होगा।

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