
उत्तर प्रदेश में उमस और चिपचिपी गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत और सतर्कता भरी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने राज्य में अगले दो दिनों (20 और 21 अगस्त) के लिए भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से उठे लो-प्रेशर सिस्टम (Low Pressure Area) और मानसून ट्रफ लाइन के राज्य के ऊपर से गुजरने के चलते यूपी के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान कई जनपदों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली चमकने (वज्रपात) और लगातार मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।
प्रयागराज और पूर्वांचल में झमाझम बारिश, नदियां उफान पर
प्रदेश में बारिश का सिलसिला पहले ही शुरू हो चुका है, जहां सबसे ज्यादा असर पूर्वी उत्तर प्रदेश में देखने को मिला है:
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प्रयागराज में भारी जलभराव: प्रयागराज में पिछले 24 घंटों में 119 मिमी से अधिक मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर की प्रमुख सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया और जनजीवन प्रभावित हुआ।
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गंगा-यमुना में बाढ़ का खतरा: यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और कानपुर बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण तटीय और निचले ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
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तापमान में स्थिरता: लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन का पारा 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के कई संवेदनशील जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है:
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पूर्वी और मध्य यूपी: गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चित्रकूट, बांदा, बाराबंकी, सीतापुर, कानपुर और राजधानी लखनऊ के आसपास के इलाकों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा बना रहेगा।
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बुंदेलखंड क्षेत्र: झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर और महोबा में मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश: नोएडा, मेरठ, आगरा, मथुरा, मुजफ्फरनगर और बदायूं में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।
प्रशासन की अपील: बिजली चमकने पर खुले में न जाएं
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि तेज बारिश और बादलों की गर्जना के दौरान बड़े पेड़ों, टीन शेड और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। किसानों को खेतों में खुले में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में नगर निगमों को जलभराव से निपटने और सीवेज निकासी सुचारू रखने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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