Rainy Season Health Tips: झमाझम बारिश में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां? मानसून का मजा लेने से पहले जान लें ये जरूरी सेल्फ-केयर टिप्स

भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद जब आसमान में काले बादल छाते हैं और बारिश की बूंदें गिरती हैं, तो मन उत्साह से भर जाता है। मानसून का यह मौसम जितना सुहाना लगता है, सेहत के लिहाज से यह उतना ही नाजुक और संवेदनशील भी होता है। इस मौसम में हवा में नमी (Humidity), उमस और जगह-जगह जलजमाव के कारण बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ता है।

बारिश के दिनों में हमारे शरीर का तापमान बार-बार बदलता है, जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर हो जाती है और संक्रामक बीमारियां हमें आसानी से अपना शिकार बना लेती हैं। यदि आप भी इस मानसून में बिना बीमार पड़े बारिश का आनंद लेना चाहते हैं, तो इन जरूरी सेल्फ-केयर और हाइजीन टिप्स को अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं।

सावधान! मानसून में दिखने वाले इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में पनपने वाली बीमारियों के लक्षण कुछ इस प्रकार होते हैं:

  • मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया: अचानक ठंड लगकर तेज बुखार आना और जोड़ों व मांसपेशियों में असहनीय दर्द होना।

  • फूड पॉइजनिंग, डायरिया और हैजा: उल्टी, दस्त होना, पेट में मरोड़ उठना या लगातार जी मिचलाना।

  • टाइफाइड: लगातार तेज बुखार रहना, पेट में दर्द और भूख बिल्कुल न लगना।

  • आई फ्लू (Conjunctivitis): आंखों का अचानक लाल होना, आंखों से पानी आना और चुभन महसूस होना।

मानसून हाइजीन: बीमारियों को घर में घुसने से रोकने के 5 अचूक नियम

1. हाथों की सफाई में न बरतें ढिलाई

दिन में कई बार, खासकर कुछ भी खाने से पहले, बाहर से घर लौटने पर और टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद अपने हाथों को साबुन और साफ पानी से कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह रगड़कर धोएं। यात्रा के दौरान हमेशा एक अच्छा अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइज़र अपने पास रखें।

2. बारिश में भीगने के तुरंत बाद नहाएं

यदि आप ऑफिस या बाजार से आते समय बारिश के पानी में भीग जाते हैं, तो घर आते ही सबसे पहले साफ पानी और एंटीसेप्टिक साबुन से अच्छी तरह नहाएं। बारिश के पानी में मौजूद एसिड और प्रदूषक तत्व त्वचा पर इंफेक्शन, फंगल और रैशेज पैदा कर सकते हैं।

3. पैरों की खास देखभाल है जरूरी

सड़कों पर जमा बारिश का गंदा पानी सबसे पहले हमारे पैरों के संपर्क में आता है। बाहर से आने के बाद पैरों को गुनगुने पानी और साबुन से साफ करें, उंगलियों के बीच की जगह को अच्छे से सुखाएं और एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें।

4. हरी सब्जियों को धोने का सही तरीका

इस मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों में बारीक कीड़े, बैक्टीरिया और फंगस छिपे होते हैं। इसलिए, किसी भी सब्जी को पकाने या फल को खाने से पहले उसे हल्के गुनगुने पानी या नमक के पानी में कुछ देर के लिए भिगोकर रखें और फिर अच्छे से धोएं।

5. बासी भोजन और स्ट्रीट फूड से तौबा

बारिश के दिनों में बासी खाना खाने से बचें। भोजन बनने के 2 घंटे के भीतर ही उसका सेवन कर लें। बाहर मिलने वाले खुले चाट-पकौड़े, कटे हुए फल, खुले में मिलने वाले जूस और गंदे पानी से बने स्ट्रीट फूड से इस मौसम में पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि ये डायरिया और टाइफाइड का मुख्य कारण बनते हैं।

इम्यूनिटी को बनाएं लोहे जैसा मजबूत: अपनाएं ये डाइट टिप्स

ऋतु परिवर्तन के इस दौर में शरीर को अंदर से मजबूत रखना सबसे ज्यादा जरूरी है:

  • रसोई के मसालों का जादू: अपनी रोज की डाइट में अदरक, लहसुन, हल्दी, तुलसी और काली मिर्च जैसी प्राकृतिक एंटी-बायोटिक चीजों को जरूर शामिल करें।

  • हर्बल काढ़ा: दिन में एक बार तुलसी, दालचीनी, सोंठ और गिलोय से बना गरमा-गरम काढ़ा या आयुर्वेदिक ग्रीन टी पिएं। यह शरीर को अंदरूनी गर्मी देता है और मौसमी फ्लू से बचाता है।

  • विटामिन-सी से दोस्ती: संतरा, मौसमी, नींबू और आंवला जैसी चीजों का सेवन करें। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा खट्टे और ठंडे फलों को रात के समय खाने से बचें।

  • उबला या गुनगुना पानी: मानसून के पूरे सीजन में पानी को उबालकर या गुनगुना करके ही पीने की आदत डालें। यह पानी को शत-प्रतिशत बैक्टीरिया-मुक्त बनाता है और आपके मेटाबॉलिज्म को भी दुरुस्त रखता है।

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