तेहरान/वाशिंगटन: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और वैश्विक तेल संकट के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल की खबर सामने आ रही है। रॉयटर्स (Reuters) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए एक ‘टू-स्टेप पीस प्लान’ (Two-Step Peace Plan) पेश किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस शांति योजना को पाकिस्तान ने तैयार किया है, हालांकि ईरान ने इन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या है ‘टू-स्टेप पीस प्लान’? (दो चरणों वाली शांति योजना)
अमेरिकी वेबसाइट Axios और Reuters की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रस्तावित समझौते के दो मुख्य चरण हैं:
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पहला चरण (45 दिनों का युद्धविराम): इसमें सबसे पहले 45 दिनों के लिए पूरी तरह से युद्धविराम (Ceasefire) लागू करने का प्रस्ताव है। इस अवधि के दौरान दोनों पक्ष स्थायी शांति की शर्तों और होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से खोलने पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यदि आवश्यकता हुई, तो इस समय सीमा को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
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दूसरा चरण (स्थायी समझौता): युद्धविराम की सफलता के बाद, संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए एक अंतिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसमें सुरक्षा गारंटी और आर्थिक प्रतिबंधों पर रियायतें शामिल हो सकती हैं।
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर ईरान का इनकार
पाकिस्तान लगातार यह दावा कर रहा है कि वह तेहरान और वाशिंगटन के बीच सेतु का काम कर रहा है। हालांकि, सोमवार को ईरान ने आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान की किसी भी भूमिका से इनकार कर दिया। ईरान ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान इस युद्ध में कोई पक्ष या मध्यस्थ नहीं है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख अभी भी कड़ा बना हुआ है; उन्होंने एक तरफ जल्द ‘डील’ की बात कही है, तो दूसरी तरफ ‘न मानने पर पूरी तरह तबाही’ की चेतावनी भी दी है।
ट्रंप का ‘पावर प्लांट डे’ और होर्मुज का दबाव
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 7 अप्रैल (मंगलवार) तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज का रास्ता नहीं खोला गया, तो मंगलवार को ईरान में ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ मनाया जाएगा, यानी अमेरिका ईरान के बिजली घरों और महत्वपूर्ण पुलों को बमबारी कर नष्ट कर देगा।
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होर्मुज का महत्व: दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। फरवरी 2026 से जारी युद्ध के कारण ईरान ने इस पर नियंत्रण कर रखा है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
तेहरान में मातम: हमले में 6 बच्चों की मौत
शांति वार्ता की खबरों के बीच जमीनी हकीकत भयावह बनी हुई है। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान में हुए हालिया अमेरिकी और इजरायली हमलों में 6 बच्चों की मौत हो गई है। मरने वालों में 10 साल से कम उम्र की चार बच्चियां और दो बच्चे शामिल हैं। इन मौतों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है और शांति की कोशिशों को और अधिक जटिल बना दिया है।
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