हेयर केयर के लिए स्किन डॉक्टर की 9 बेस्ट आदतें: 20 की उम्र से शुरू करें ये रूटीन, बुढ़ापे तक बाल रहेंगे घने और मजबूत

खराब पानी, प्रदूषण और धूल-मिट्टी के इस दौर में बालों का झड़ना और रूखा होना आम बात हो गई है। अक्सर हम बालों की ऊपरी चमक पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन उनकी जड़ों और स्कैल्प को भूल जाते हैं। इंस्टाग्राम पर मशहूर स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. सुरभि बलानी ने अपनी वे 9 आदतें साझा की हैं, जिन्हें अपनाकर उन्होंने अपने बालों की कायाकल्प की है।

डॉक्टर के अनुसार, अगर आप इन आदतों को 20 साल की उम्र से ही फॉलो करना शुरू कर देते हैं, तो भविष्य में आपको हेयर फॉल और गंजेपन जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।


डॉक्टर द्वारा बताई गई हेयर केयर की 9 आदतें

1. स्कैल्प हेल्थ है सबसे जरूरी

डॉक्टर बताती हैं कि पहले वे सिर्फ बालों की लंबाई (Hair Length) पर ध्यान देती थीं, जो एक बड़ी गलती थी। याद रखें, बाल स्कैल्प से उगते हैं। अगर स्कैल्प ऑयली, पपड़ीदार या डैंड्रफ से भरा है, तो बाल कभी स्वस्थ नहीं हो सकते।

2. ‘कम बाल धोने’ की धारणा को बदलें

अक्सर कहा जाता है कि हफ्ते में सिर्फ एक बार बाल धोएं। लेकिन डॉक्टर के अनुसार, अगर आपका स्कैल्प ऑयली है, तो उसे साफ रखना बेहद जरूरी है। गंदा स्कैल्प रोमछिद्रों को बंद कर देता है, जिससे बाल ज्यादा झड़ते हैं। इसलिए जरूरत के हिसाब से बाल धोएं।

3. तेल कोई ‘जादुई इलाज’ नहीं है

आमतौर पर माना जाता है कि तेल लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाएंगे। डॉक्टर का कहना है कि तेल सिर्फ बालों को कंडीशन करता है और उन्हें बेहतर महसूस कराता है। डैंड्रफ या स्कैल्प इंफेक्शन में तेल लगाना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।

4. बालों के लिए भी जरूरी है ‘सन प्रोटेक्शन’

जैसे सूर्य की UV किरणें स्किन को जलाती हैं, वैसे ही ये बालों के प्रोटीन (केराटिन) को भी नुकसान पहुंचाती हैं। तेज धूप में निकलते समय बालों को स्कार्फ या कैप से कवर करना बेहद जरूरी है।

5. टाइट हेयरस्टाइल से दूरी

बहुत कसकर चोटी या जूता बनाने से स्कैल्प पर तनाव बढ़ता है, जिसे ‘ट्रैक्शन एलोपेसिया’ कहते हैं। इससे बाल जड़ों से कमजोर होकर टूटने लगते हैं। हमेशा ढीले हेयरस्टाइल को प्राथमिकता दें।

6. इंटरनेट के ‘वायरल नुस्खों’ पर लगाम

प्याज का रस, चावल का पानी या अदरक का पेस्ट—हर वायरल नुस्खा हर किसी के लिए नहीं होता। डॉक्टर ने खुद इन चीजों को आजमाना बंद कर दिया है और वे केवल चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित (Clinically Proven) प्रोडक्ट्स पर ही भरोसा करती हैं।

7. अंदरूनी पोषण पर ध्यान (Diet matters)

बालों की ग्रोथ के लिए सिर्फ शैम्पू काफी नहीं है। आपके शरीर में आयरन, विटामिन B12, प्रोटीन और विटामिन D की कमी सीधे हेयर फॉल का कारण बनती है। सप्लीमेंट्स और अच्छी डाइट का कोई विकल्प नहीं है।

8. हीट स्टाइलिंग का सीमित इस्तेमाल

हीट प्रोटेक्टेंट स्प्रे लगाने के बाद भी हेयर ड्रायर या स्ट्रेटनर का रोजाना इस्तेमाल बालों के स्ट्रक्चर को डैमेज करता है। डॉक्टर इन्हें केवल खास मौकों पर ही इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं।

9. हेयर फॉल को नजरअंदाज न करें

अगर आपको कंघी करते समय या नहाते समय सामान्य से ज्यादा बाल गिरते दिखें, तो तुरंत एक्सपर्ट से सलाह लें। शुरुआत में ही कारण (जैसे थायराइड या स्ट्रेस) का पता चलने पर इलाज आसान हो जाता है।


डॉक्टर की विशेष सलाह

बालों की देखभाल एक ‘मैराथन’ है, ‘स्प्रिंट’ नहीं। यानी रातों-रात कोई बदलाव नहीं दिखेगा, लेकिन 20 की उम्र से अपनाई गई ये आदतें 40 की उम्र में आपके बालों को दूसरों से कहीं ज्यादा बेहतर रखेंगी।

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