
नई दिल्ली/गुरुग्राम: देश की राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चल रहे छात्र आंदोलनों व नीट विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के 25 दिनों से जारी अनशन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा (JP Nadda) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वांगचुक के स्वास्थ्य और उनकी मांगों पर स्थिति स्पष्ट की है।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि वे केवल उनका हालचाल जानने के लिए अस्पताल गए थे और सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
“सोनम वांगचुक मुख्यधारा में लौटें, सरकार वार्ता को तैयार”: जेपी नड्डा
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अस्पताल में मुलाकात और अपील: जेपी नड्डा ने बताया, “हम तो उनका हालचाल पूछने गए थे, क्योंकि उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल के ICU में शिफ्ट किया गया था। हमने उनसे अपील की कि वे अपना अनशन समाप्त करें और मुख्यधारा में लौटकर छात्रों व युवाओं का मार्गदर्शन करें।”
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ओपन लेटर का दिया जाएगा जवाब: स्वास्थ्य मंत्री ने पुष्टि की कि सोनम वांगचुक ने उन्हें एक खुला पत्र (Open Letter) भेजा है। सरकार इस पत्र का औपचारिक जवाब देगी और इसी आधार पर कूटनीतिक व नीतिगत बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा।
सोनम वांगचुक की अनशन समाप्त करने की शर्तें
अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि 25 दिनों की भूख हड़ताल में उनका 11 किलोग्राम वजन कम हो चुका है। वे 65 सांसदों की अपील का सम्मान करते हुए अनशन तोड़ने को तैयार हैं, लेकिन उन्होंने केंद्र सरकार के सामने दो मुख्य शर्तें रखी हैं:
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प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई न हो: ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल छात्रों और युवाओं पर किसी भी प्रकार का बल प्रयोग न किया जाए।
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FIR दर्ज न करने का आश्वासन: वांगचुक ने मांग की है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई या एफआईआर दर्ज न की जाए, ताकि उन्हें कानूनी मुकदमों या जेल का डर न सताए। यदि यह लिखित आश्वासन मिलता है, तो वे तुरंत उपवास समाप्त कर देंगे।
सोनम वांगचुक अनशन विवाद: मुख्य तथ्य (Key Highlights)
| पहलू | विवरण / वर्तमान स्थिति |
| अनशन की अवधि | 25 दिन पूर्ण; वजन में 11 किलो की गिरावट। |
| चिकित्सा स्थिति | दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सफदरजंग से मेदांता अस्पताल (ICU) स्थानांतरित। |
| सरकार का रुख | जेपी नड्डा ने कहा- सरकार सभी मुद्दों पर बातचीत और पत्रों का जवाब देने के लिए तत्पर। |
| परिवार की प्रतिक्रिया | पत्नी गीतांजलि अंगमो ने अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती और विपक्षी सांसदों को मिलने से रोकने पर चिंता जताई। |
अस्पताल परिसर के बाहर कूटनीतिक और राजनीतिक घमासान
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट द्वारा वांगचुक को किसी भी तरह की पुलिस हिरासत में न रखने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, मेदांता अस्पताल के बाहर भारी पुलिस तैनात है। उन्होंने कहा कि 65 विपक्षी सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित अपील पत्र लेकर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को भी अस्पताल के अंदर नहीं जाने दिया गया, जिससे तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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