नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को ‘क्रूर’ माना जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि वे ‘कर्मफलदाता’ और ‘न्याय के देवता’ हैं। शनिदेव किसी को अकारण कष्ट नहीं देते, बल्कि व्यक्ति के कर्मों के आधार पर उसे फल प्रदान करते हैं। यही कारण है कि जहां कुछ लोग शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के नाम से कांपते हैं, वहीं …
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