धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन करने वालों की अब खैर नहीं; सीएम योगी का EOW को बड़ा आदेश, लखनऊ से ऐक्शन शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वित्तीय धोखाधड़ी, पोंजी स्कीम, चिट-फंड और बैंक लोन घोटाले जैसे आर्थिक अपराधों में लिप्त माफियाओं और जालसाजों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सीएम योगी ने आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करते हुए साफ कर दिया है कि जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी खजाने को चूना लगाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश मिलते ही EOW पूरी तरह ऐक्शन मोड में आ गई है, जिसकी शुरुआत लखनऊ में बैंक लोन लेकर फरार चल रहे दो बड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ हो चुकी है।

“जनता के भरोसे पर चोट बर्दाश्त नहीं” – सीएम योगी ने तय की अफसरों की जवाबदेही

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने EOW की कार्यप्रणाली और प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दोटूक शब्दों में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन जैसे अपराध न केवल सरकारी संसाधनों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम नागरिकों के भरोसे को भी तोड़ते हैं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर और समयबद्ध कार्रवाई बेहद जरूरी है। सीएम योगी ने सबसे बड़ा आदेश देते हुए कहा कि अब कोई भी जांच अधिकारी किसी भी मामले को 3 महीने से अधिक समय तक अपने पास लंबित नहीं रख सकता। अगर ऐसा होता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ में ताबड़तोड़ छापेमारी, बैंक लोन के दो बड़े जालसाज गिरफ्तार

मुख्यमंत्री की बैठक के बाद हरकत में आई EOW ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बैंक से करोड़ों रुपये का लोन लेकर फरार चल रहे दो शातिर आरोपियों को टीम ने घेराबंदी करके दबोच लिया। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में 31 मई तक EOW ने रिकॉर्ड तेजी दिखाते हुए 155 जांचों और विवेचनाओं का निस्तारण किया है, जबकि इसी अवधि के भीतर 71 आर्थिक अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने पुराने और पेंडिंग मामलों को भी फास्ट ट्रैक मोड में निपटाने के आदेश दिए हैं।

डिजिटल युग में अपराधियों पर लगाम कसने के लिए बना ‘केस मैनेजमेंट सिस्टम’

बदलते दौर के साथ हाईटेक हो रहे अपराधियों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने EOW को भी आधुनिक तकनीक से लैस कर दिया है। बैठक में बताया गया कि अब आर्थिक अपराधों की मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष ‘केस मैनेजमेंट सिस्टम’ (CMS) तैयार किया गया है। यह पूरी तरह से एक डिजिटल प्रणाली है, जो ऑनलाइन रिपोर्टिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग और डैशबोर्ड आधारित अनुश्रवण की सुविधा देती है। सीएम योगी ने कहा कि इस तकनीक आधारित व्यवस्था से जांच की गुणवत्ता सुधरेगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ जवाबदेही भी बढ़ेगी। जिन मामलों में पर्याप्त सबूत हैं, वहां मजबूत पैरवी कर जल्द से जल्द कोर्ट से सजा दिलवाई जाए।

पोंजी स्कीम और साइबर फ्रॉड के खिलाफ चलेगा “जागरूकता, जानकारी, बचाव” अभियान

मुख्यमंत्री ने केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि अपराधों को रोकने के लिए जनजागरूकता को भी बेहद अहम हथियार बताया। उन्होंने कहा कि मल्टीलेवल मार्केटिंग, पोंजी स्कीम, चिट-फंड और ऑनलाइन साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए आम जनता को जागरूक करना जरूरी है। इसके लिए EOW द्वारा “जागरूकता, जानकारी, बचाव” अभियान चलाया जा रहा है। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि इस अभियान को प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाया जाए और इसके तहत होने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम में आधुनिकतम तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, ताकि आम जनता ऐसे ठगों के जाल में फंसने से बच सके।

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