नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले प्रस्तावित हमले को 5 दिनों के लिए टाल दिया है। ट्रंप के इस फैसले के तुरंत बाद ईरान की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है, जिसमें तेहरान ने इसे अपनी कूटनीतिक और सैन्य चेतावनी की जीत बताया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने तो यहां तक कह दिया है कि “ट्रंप पीछे हट गए हैं।”
ईरान का दावा: ‘हमारी चेतावनी का दिखा असर’
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही ट्रंप ने हमले को टालने और समय सीमा (Deadline) बढ़ाने का एलान किया, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने इसे प्रमुखता से दिखाया। टीवी स्क्रीन पर एक ग्राफिक फ्लैश किया गया जिस पर लिखा था— “ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हटे।” ईरान का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर जो अल्टीमेटम मंगलवार को खत्म हो रहा था, उसे बढ़ाना अमेरिका की मजबूरी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं और ऊर्जा संसाधनों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का एलान: ‘बातचीत रही फायदेमंद’
हमले को टालने की जानकारी खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर दी। सोमवार, 23 मार्च को किए गए अपने पोस्ट में ट्रंप ने संकेत दिया कि युद्ध के बादलों के बीच कूटनीति की राह खुली है।
ट्रंप ने लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में हमारी दुश्मनी के समाधान को लेकर बहुत अच्छी और फायदेमंद बातचीत हुई है।” ट्रंप ने आगे बताया कि यह बातचीत पूरे हफ्ते जारी रहेगी और इसी सकारात्मक माहौल को देखते हुए उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ वॉर को निर्देश दिया है कि ईरानी पावर प्लांट्स पर होने वाले सभी मिलिट्री एक्शन को फिलहाल 5 दिनों के लिए रोक दिया जाए।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ऊर्जा संकट का खतरा
दरअसल, यह पूरा विवाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने और ईरान के परमाणु व ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने से जुड़ा है। ट्रंप ने पहले मंगलवार तक की समय सीमा तय की थी, लेकिन अब इसे अगले सोमवार तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह हमला होता, तो वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) ठप हो सकती थी, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगतीं। फिलहाल, अगले 5 दिन इस बात पर निर्भर करेंगे कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही ये ‘सीक्रेट’ बातचीत कितनी सफल रहती है।
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