लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिर फूटा निर्माण का सच, भगवतपुर में मिट्टी बहने से दो नई जगहों पर धंसी सड़क; ‘धंसाव एक्सप्रेसवे’ बोल रहे राहगीर

राजधानी लखनऊ को औद्योगिक नगरी कानपुर से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मानसून की हालिया बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे के उन्नाव-कानपुर रूट पर स्थित भगवतपुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिट्टी बह गई, जिसके चलते सड़क दो नए स्थानों पर अचानक कई फीट नीचे धंस गई।

सड़क धंसने से एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार अचानक थम गई और एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। बार-बार हो रहे मिट्टी के कटाव और सड़क धंसने की घटनाओं से नाराज स्थानीय लोग और राहगीर अब इसे विकास के बजाय तंज कसते हुए ‘धंसाव एक्सप्रेसवे’ कहने लगे हैं।

भगवतपुर के पास बह गई सपोर्टिंग मिट्टी, सड़क पर बने गहरे गड्ढे

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भगवतपुर के पास एक्सप्रेसवे के किनारों (Embankments) पर की गई मिट्टी की भराई में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई थी। बारिश का पानी जैसे ही ढलान से नीचे उतरा, मजबूत रिटेनिंग और ड्रेनेज सिस्टम न होने के कारण भारी मात्रा में मिट्टी कटकर खेतों और सर्विस लेन की तरफ बह गई।

सपोर्ट खत्म होते ही मुख्य सड़क के दो बड़े हिस्से अचानक नीचे धंस गए:

  • गहरे गड्ढों से खतरा: धंसाव वाले स्थानों पर सड़क के बीचो-बीच दरारें और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे तेज गति से गुजरने वाली गाड़ियों के पलटने का खतरा पैदा हो गया।

  • ट्रैफिक डायवर्जन और बैरिकेडिंग: सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे निर्माण दल ने आनन-फानन में लाल रिबन और ड्रम रखकर धंसे हुए हिस्सों की बैरिकेडिंग की और वाहनों को धीमी गति से निकालने के लिए ट्रैफिक को सिंगल लेन में डायवर्ट किया।

घटिया निर्माण सामग्री और ड्रेनेज व्यवस्था पर उठे सवाल

एक्सप्रेसवे पर यह पहली बार नहीं है जब बारिश के पानी ने दावों की पोल खोली हो। इससे पहले भी कई पैच पर मिट्टी के खिसकने और डामर उखड़ने के मामले सामने आ चुके हैं।

विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कंपनी ने मिट्टी के ठोस भराव (Compaction) और पानी की उचित निकासी (Water Drainage) के इंतजाम किए बिना ही जल्दबाजी में काम पूरा करने की कोशिश की। बारिश के दिनों में मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए जो जियो-टेक्सटाइल या कंक्रीट पिचिंग होनी चाहिए थी, उसकी भारी कमी साफ नजर आ रही है।

NHAI ने लिया संज्ञान, मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू

सड़क धंसने की सूचना मिलते ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने स्थिति का मुआयना करने के बाद संबंधित कार्यदायी संस्था (कॉन्ट्रैक्टर) को कड़ी फटकार लगाई है।

एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि धंसे हुए हिस्सों से ढीली मिट्टी हटाकर वहां गिट्टी और कंक्रीट भरकर मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही पूरे स्ट्रेच पर रिटेनिंग वॉल को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। हालांकि, लगातार सामने आ रही इन खामियों ने प्रोजेक्ट की सुरक्षा ऑडिट की मांग को तेज कर दिया है।

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