इबोला वायरस: क्या है यह जानलेवा संक्रमण? लक्षण, बचाव और पूरी जानकारी

Ebola Virus : इबोला वायरस एक अत्यधिक संक्रामक और जानलेवा बीमारी है, जिसने वैश्विक स्वास्थ्य जगत में चिंता बढ़ा दी है। हालांकि वर्तमान में भारत में इसका कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन अफ्रीका में बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता बरतना आवश्यक है। आइए जानते हैं कि यह वायरस क्या है, यह कैसे फैलता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

इबोला वायरस क्या है?

इबोला वायरस, जिसे पहले ‘इबोला ब्लीडिंग फीवर’ के नाम से जाना जाता था, एक गंभीर वायरल संक्रमण है। यह वायरस हमारे शरीर के अंगों को बुरी तरह प्रभावित करता है और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को कमजोर कर देता है। इसके परिणामस्वरूप शरीर के भीतर और बाहर अनियंत्रित रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होने लगती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।

इबोला के प्रमुख लक्षण

संक्रमित होने के बाद, वायरस के लक्षण दिखने में 2 से 21 दिन तक का समय लग सकता है। इसके लक्षणों को दो चरणों में समझा जा सकता है:

  • शुरुआती लक्षण: अचानक तेज बुखार, अत्यधिक थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, सिरदर्द और गले में खराश।

  • गंभीर लक्षण: यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो स्थिति बिगड़ जाती है। इसमें लगातार उल्टी और दस्त (डायरिया), त्वचा पर चकत्ते (रैशेज), किडनी और लिवर की कार्यक्षमता का कम होना शामिल है। सबसे घातक स्थिति में आंख, कान, नाक और मसूड़ों से आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव होने लगता है।

यह वायरस कैसे फैलता है?

इबोला हवा, पानी या मच्छरों के काटने से नहीं फैलता है। यह मुख्य रूप से निम्नलिखित माध्यमों से फैलता है:

  • संक्रमित व्यक्ति के तरल पदार्थ: संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीना, लार, उल्टी, पेशाब या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से।

  • दूषित वस्तुओं का उपयोग: संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए गए बिस्तर, कपड़े या इंजेक्शन का उपयोग करने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

बचाव के उपाय: सावधानी ही सुरक्षा है

इबोला से बचने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है:

  • संपर्क से बचें: किसी भी बीमार या संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से बचें।

  • स्वच्छता का ध्यान: अपने हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।

  • सतह को छूने से परहेज: ऐसी वस्तुओं या सतहों को न छुएं जो संक्रमित व्यक्ति के तरल पदार्थों के संपर्क में आई हों।

  • टीकाकरण: अब इबोला के लिए प्रभावी टीके उपलब्ध हैं, जो इस बीमारी के प्रकोप को रोकने और बचाव में अत्यंत मददगार साबित हुए हैं।

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