उत्तर प्रदेश इन दिनों मौसम की अजीबोगरीब मार झेल रहा है। राज्य का आसमान दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है—कहीं झुलसा देने वाली तीखी धूप लोगों को बेहाल कर रही है, तो कहीं अचानक आई आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बुंदेलखंड के बांदा में पारा 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में तेज आंधी-बारिश से तबाही मची है। मौसम के इस बदलते मिजाज के कारण हुई घटनाओं में अब तक 10 लोगों की दुखद मौत की सूचना है। मौसम विभाग (IMD) के विशेषज्ञों ने इस विरोधाभासी मौसम के पीछे पांच मुख्य वैज्ञानिक कारण स्पष्ट किए हैं।
क्यों हो रहा है मौसम में ये बड़ा बदलाव? (वैज्ञानिक कारण)
मौसम विशेषज्ञों ने राज्य में बन रही विषम परिस्थितियों के लिए निम्नलिखित पांच कारकों को जिम्मेदार ठहराया है:
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गर्म हवाओं का नीचे आना: मध्य भारत के ऊपर एक ‘चक्रीय चक्रवात’ जैसा सिस्टम बना है। यह सिस्टम गर्म हवाओं को वायुमंडल की ऊपरी परतों से नीचे की ओर धकेल रहा है, जिससे मैदानी इलाकों में तपिश अचानक बढ़ गई है।
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सक्रिय मौसमी तंत्र का अभाव: उत्तर प्रदेश के ऊपर किसी भी प्रकार के सक्रिय मौसमी तंत्र (जैसे पश्चिमी विक्षोभ या प्रति-चक्रवात) का न होना भीषण गर्मी की मुख्य वजह है। आसमान पूरी तरह साफ रहने के कारण सीधी धूप जमीन पर पड़ रही है, जिससे तापमान में बेतहाशा वृद्धि हो रही है।
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तापमान का टकराव और ट्रफ का निर्माण: जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और यूपी की भीषण गर्मी के बीच एक विशेष स्थिति बनी है। जमीन की गर्म हवाएं तेजी से ऊपर उठ रही हैं, जिनका टकराव ठंडी हवाओं से हुआ है। इस टकराव से एक ‘ट्रफ’ बना है, जो मध्य यूपी से पूर्वांचल तक अचानक आंधी और बारिश का कारण बन रहा है।
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राजस्थान की गर्म पछुआ हवाएं: प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में राजस्थान की ओर से गर्म और सूखी पछुआ हवाएं लगातार आ रही हैं। ये हवाएं पहले से तपे हुए उत्तर प्रदेश की जमीन को और अधिक गर्म कर रही हैं, जिससे गर्मी का प्रकोप असहनीय हो गया है।
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पुरवा हवाओं का कमजोर पड़ना: बंगाल की खाड़ी से आने वाली पुरवा हवाएं इस बार काफी कमजोर हैं। हवा में नमी (Humidity) का स्तर बहुत कम हो गया है। लखनऊ में आर्द्रता का स्तर घटकर मात्र 14 फीसदी तक पहुंच गया है। नमी न होने के कारण दिन के समय पारा बहुत तेजी से ऊपर चढ़ता है।
आगे क्या है मौसम का पूर्वानुमान?
मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद भी जताई है। आईएमडी लखनऊ के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से उन जिलों में भी तूफानी हवाओं के साथ बारिश होने की उम्मीद है, जो अभी भीषण तपिश का सामना कर रहे हैं। इस बदलाव के बाद तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
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