
ज्योतिष शास्त्र और खगोलीय विज्ञान की दृष्टि से अगस्त का महीना अत्यंत हलचल भरा और महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। विशेष रूप से अगस्त के मध्य से लेकर अंतिम 20 दिनों की समयावधि को ग्रहों का महासंग्राम माना जा रहा है। इस छोटी सी अवधि में जहां सौरमंडल के 6 प्रमुख ग्रह अपनी चाल, स्थिति और राशि में बड़ा परिवर्तन करने वाले हैं, वहीं इसी दौरान सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग भी निर्मित हो रहा है। सनातन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, जब एक ही महीने के भीतर इतने बड़े पैमाने पर ग्रहीय फेरबदल और दोहरे ग्रहण की स्थिति बनती है, तो इसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव न केवल मानव जीवन एवं सभी 12 राशियों पर पड़ता है, बल्कि वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक घटनाओं पर भी देखने को मिलता है। इस दौरान बनने वाले शुभ और अशुभ योग कई राशियों के बंद भाग्य के ताले खोलेंगे, वहीं कुछ जातकों को सतर्क रहने की चेतावनी भी दे रहे हैं।
6 ग्रहों के गोचर और दोहरे ग्रहण का अद्भुत खगोलीय व ज्योतिषीय गणित
इस दौरान ब्रह्मांड में निर्मित होने जा रहे महासंयोग में ग्रहों के राजा सूर्य, बुद्धि के दाता बुध, वैभव के कारक शुक्र, ऊर्जा के स्वामी मंगल, देवगुरु बृहस्पति और कर्मफल दाता शनि देव की गतियों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। जहां सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे, वहीं बुध और शुक्र की चाल में भी फेरबदल होगा। इसके साथ ही, शनि और गुरु की स्थितियां भी इस खगोलीय चक्र को अधिक प्रभावशाली बनाएंगी।
इन 6 ग्रहों के परिवर्तन के साथ ही अगस्त के इन 20 दिनों में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की छाया भी पृथ्वी पर देखने को मिलेगी। हालांकि ग्रहण की दृश्यता और उसका सूतक काल भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करता है, परंतु ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों के मानस और जीवन चक्र पर अवश्य पड़ता है। एक ही पखवाड़े में दो ग्रहणों का होना और साथ ही 6 प्रमुख ग्रहों का एक साथ गोचर करना एक ऐसा दुर्लभ योग है जो कई वर्षों बाद बनता है। यह महासंयोग देश-दुनिया में बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है।
इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, करियर और धन में मिलेगा बंपर उछाल
ग्रहों के इस महापरिवर्तन और ग्रहण के प्रभाव से कुछ राशियों के लिए स्वर्णिम काल की शुरुआत होने जा रही है। इन जातकों को भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा और रुके हुए कार्य तेजी से बनने लगेंगे।
मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए अगस्त के यह 20 दिन किसी वरदान से कम नहीं हैं। मंगल और सूर्य की अनुकूल स्थिति से आपके आत्मविश्वास में अप्रत्याशित वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के योग बन रहे हैं और व्यापार में लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा।
सिंह राशि: सूर्य देव का अपनी ही राशि में प्रवेश सिंह राशि वालों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी रहेगा। समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। जो लोग सरकारी नौकरी या प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। आय के नए स्रोत खुलेंगे।
तुला राशि: शुक्र और बुध का गोचर तुला राशि के जातकों के लिए धन लाभ के नए द्वार खोलेगा। व्यापारिक यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी। निवेश से बड़ा फायदा मिल सकता है और परिवार में लंबे समय से चला आ रहा तनाव समाप्त होगा।
धनु राशि: देवगुरु बृहस्पति की शुभ दृष्टि से धनु राशि के लोगों का भाग्य चमकेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और नया वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना सफल होगी। विदेश यात्रा के इच्छुक जातकों को सफलता प्राप्त हो सकती है।
इन 4 राशियों पर भारी पड़ सकते हैं 20 दिन, धन-हानि और सेहत को लेकर रहें सतर्क
जहां कुछ राशियों के लिए यह समय खुशियां लेकर आ रहा है, वहीं 4 विशेष राशियों को इन 20 दिनों के दौरान बहुत सोच-समझकर कदम उठाने की आवश्यकता है, अन्यथा बड़ा आर्थिक व मानसिक नुकसान हो सकता है।
वृषभ राशि: शुक्र और शनि के प्रभाव के कारण वृषभ राशि वालों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें, अन्यथा बजट बिगड़ सकता है। इस दौरान किसी को भी बड़ा उधार देने से बचें।
मिथुन राशि: बुध की स्थिति में बदलाव के कारण आपको बातचीत और वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ अनबन हो सकती है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, विशेषकर खान-पान का ध्यान रखें।
वृश्चिक राशि: मंगल की उग्रता और ग्रहण का प्रभाव वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दुर्घटना या चोट लगने की संभावना बना सकता है। वाहन चलाते समय बेहद सावधानी बरतें। पारिवारिक मामलों में विवाद से दूर रहने में ही भलाई है।
कुंभ राशि: शनि की दृष्टि और ग्रहों की उथल-पुथल से कुंभ राशि के जातकों के बने बनाए काम अटक सकते हैं। व्यापार में कोई भी बड़ा जोखिम उठाने से बचें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है।
ग्रह दोष और ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए तुरंत करें ये अचूक उपाय
यदि आपकी राशि पर ग्रहों के इस बदलाव या ग्रहण का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। सनातन परंपरा में वर्णित कुछ सरल और सटीक उपायों को अपनाकर आप इन दुष्प्रभावों को कम कर सकते हैं।
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सूर्य देव को अर्घ्य दें: प्रतिदिन प्रातःकाल तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और रोली मिलाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें। इससे सूर्य मजबूत होंगे और नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी।
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महामृत्युंजय मंत्र का जाप: ग्रहण काल और गोचर की अवधि में रोजाना कम से कम 108 बार ‘ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…’ या ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का मानसिक जाप करें।
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दान-पुण्य करें: ग्रहण समाप्त होने के पश्चात या शुभ तिथियों पर काले तिल, उड़द की दाल, वस्त्र और अनाज का दान किसी जरूरतमंद को करें। शनिदेव और राहु-केतु के अशुभ प्रभाव शांत होंगे।
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शिवलिंग पर जल और बेलपत्र: रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करें और बेलपत्र चढ़ाएं। भगवान शिव की आराधना से बड़े से बड़े ग्रह दोष भी दूर हो जाते हैं।
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