
नई दिल्ली। हर साल 3 मार्च को ‘विश्व श्रवण दिवस’ (World Hearing Day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य कान की सेहत और बहरेपन के प्रति वैश्विक जागरूकता फैलाना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ताजा रिपोर्ट ने भविष्य को लेकर एक डरावनी तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि हमारी आधुनिक जीवनशैली और तकनीक का गलत इस्तेमाल नहीं थमा, तो साल 2050 तक दुनिया का हर दसवां व्यक्ति गंभीर श्रवण दोष (Hearing Loss) का शिकार हो सकता है।
WHO की रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े
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वर्तमान स्थिति: दुनिया में करीब 43 करोड़ लोग सुनने की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिनमें 3 करोड़ से अधिक बच्चे शामिल हैं।
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भविष्य का संकट: 2050 तक यह संख्या बढ़कर 70 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।
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युवाओं पर खतरा: करोड़ों युवा केवल स्मार्टफोन और पर्सनल ऑडियो डिवाइसेस (Earphones/Buds) के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण समय से पहले अपनी सुनने की शक्ति खो रहे हैं।
बहरेपन का ‘मूल कारण’: क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
WHO और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस संकट के पीछे तीन प्रमुख कारणों को चिन्हित किया है:
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ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution): लगातार शोर-शराबे वाली जगहों पर रहना हमारी सुनने की संवेदनशील नसों को धीरे-धीरे नष्ट कर रहा है।
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तकनीक का गलत इस्तेमाल: हेडफोन पर 60% से अधिक वॉल्यूम रखना और घंटों तक बिना ब्रेक के गेमिंग या म्यूजिक सुनना कानों की कोशिकाओं को बूढ़ा बना रहा है।
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अनदेखी और संक्रमण: कान के संक्रमण (Ear Infection) का समय पर इलाज न कराना और ओटोटॉक्सिक (Ototoxic) केमिकल्स का प्रभाव सुनने की क्षमता छीन रहा है।
आपकी ये 4 सामान्य आदतें हैं बेहद खतरनाक
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ईयर बड्स का इस्तेमाल: कान साफ करने के लिए नुकीली चीजों या ईयर बड्स का प्रयोग पर्दे को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
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हाई वॉल्यूम: तेज आवाज में संगीत सुनना ‘टिनिटस’ (कान में घंटी बजना) जैसी बीमारी को जन्म देता है।
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शोर वाली जगह: बिना ईयरप्लग के ट्रैफिक या फैक्ट्री के शोर में लंबे समय तक रहना।
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इलाज में देरी: कान में भारीपन या कम सुनाई देने को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना।
कानों की सुरक्षा के लिए ‘गोल्डन रूल्स’
विश्व श्रवण दिवस 2026 के अवसर पर डॉक्टर इन सावधानियों को बरतने की सलाह दे रहे हैं:
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60/60 नियम: वॉल्यूम को अधिकतम 60% पर रखें और हर 60 मिनट के बाद कानों को कम से कम 10 मिनट का ब्रेक दें।
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हेडफोन बनाम ईयरफोन: ईयरफोन (जो कान के अंदर घुसते हैं) के बजाय ओवर-द-ईयर हेडफोन्स का इस्तेमाल करें, क्योंकि ये सीधे पर्दे पर दबाव कम डालते हैं।
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ईयरप्लग का प्रयोग: यदि आप शोर वाली जगह पर काम करते हैं, तो सुरक्षात्मक ईयरप्लग जरूर पहनें।
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नियमित जांच: साल में कम से कम एक बार ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से अपने कानों की जांच करवाएं।
होली 2026 विशेष सावधानी:
कल विश्व श्रवण दिवस के साथ-साथ होली का उत्साह भी है। ध्यान रखें कि कान में गीला रंग या गुलाल न जाए। यदि रंग चला जाए, तो उसे निकालने के लिए तीली या बड्स का प्रयोग न करें, बल्कि रुई के फाहे से बाहरी हिस्सा साफ करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर को दिखाएं।
निष्कर्ष: आपकी सुनने की क्षमता अनमोल है। आधुनिक गैजेट्स का आनंद लें, लेकिन अपनी सेहत की कीमत पर नहीं।
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