‘यार ना मिले तो मरजावां’ फेम जैस्मिन सैंडलस का छलका दर्द: शराब की लत में डूबीं, माता-पिता की बेरुखी ने तोड़ा दिल

मुंबई: अपनी दमदार आवाज और बेबाक अंदाज के लिए मशहूर पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस (Jasmine Sandlas) इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर’ के गानों की सफलता का आनंद ले रही हैं। लेकिन कामयाबी की इस चमक के पीछे एक अंधेरा दौर भी था, जिसका खुलासा खुद सिंगर ने किया है। जैस्मिन ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा है, जिसमें शराब की लत, अकेलेपन और परिवार से मिले जख्मों का जिक्र है।

“शराब की बोतल में ढूंढती थी सुकून”

मशहूर पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया के साथ बातचीत में जैस्मिन ने स्वीकार किया कि एक वक्त ऐसा था जब वह अल्कोहोलिस्म (शराब की लत) का शिकार हो गई थीं। उन्होंने बताया कि शोहरत की ऊंचाइयों पर होने के बावजूद वह अंदर से टूट रही थीं। जैस्मिन ने कहा, “मैंने जरूरत से ज्यादा शराब पी, इतनी जितनी मुझे नहीं पीनी चाहिए थी। उस दौरान मैं बहुत सी भावनाओं से गुजर रही थी, लेकिन कोई गाइड करने वाला नहीं था।” आज उन्हें अपनी उन गलतियों पर गहरा पछतावा है।

माता-पिता के साथ रिश्तों में आई दरार

जैस्मिन ने अपने बचपन और परिवार को लेकर भी चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वह एक सुरक्षित माहौल के लिए तरसती थीं। सिंगर के मुताबिक, बचपन में माता-पिता की सख्ती और उनके व्यवहार की वजह से कई बार उनका दिल टूटा। जैस्मिन ने कहा, “मैं अपने पेरेंट्स से प्यार करती हूं, लेकिन बचपन का वो दर्द हमेशा मेरे साथ रहा। उसी दौर में पिता का निधन हो गया और परिवार से रिश्ते भी बिखर गए। सफलता तो मिल रही थी, लेकिन निजी जिंदगी में शांति नहीं थी।”

जालंधर से कैलिफोर्निया और फिर बॉलीवुड का सफर

जैस्मिन सैंडलस का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुई। उन्होंने साल 2008 में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत की थी। उन्हें असली पहचान सलमान खान की फिल्म ‘किक’ के गाने ‘यार ना मिले’ से मिली, जो आज भी पार्टीज की जान है। वेस्टर्न और देसी स्टाइल के उनके फ्यूजन ने उन्हें युवाओं के बीच बेहद पॉपुलर बना दिया है।

‘धुरंधर’ में आवाज का जादू

इन दिनों जैस्मिन फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के गानों के लिए खूब सुर्खियां बटोर रही हैं। फिल्म में उनके गाने ‘शरारत’, ‘मैं और तू’ और ‘जाइए सजना’ को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं। मुश्किल दौर को पीछे छोड़कर जैस्मिन अब अपनी सेहत और नए प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रही हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि गिरकर संभलने वाले को ही असली ‘धुरंधर’ कहते हैं।

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